जानिए कौन हैं बनवारीलाल पुरोहित, जिन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बनाया तमिलनाडु का गर्वनर
नई दिल्लीः पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे तमिलनाडु में सरकार ने बनवारी लाल पुरोहित को नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वे मौजूदा राज्यपाल विद्यासागर राव का स्थान लेंगे। बनवारी लाल पुरोहित महाराष्ट्र के विदर्भ जिले के जाने-माने नेता है। वे तीन बार नागपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। वे 1977 में राजनीति में आए। 1978 में उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर से पहला विधानसभा चुनाव जीता जबकि 1980 में दक्षिणी नागपुर से एक बार फिर विधानसभा पहुंचे। 1982 में राज्य में मंत्री भी बने। पुरोहित 1984 और 1989 में भाजपा के टिकट पर नागपुर कंपटी से लोकसभा चुनाव जीते। 1996 में एक बार फिर भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते।

इसके बाद उन्होंने 1999 में बीजेपी से नाता तोड़ दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। लेकिन कुछ समय बाद पुरोहित ने कांग्रेस भी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी विदर्भ राज्य पार्टी की शुरूआत की और नागपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन वे सफल नहीं हो सके। वे फिर से 2009 में भाजपा में शामिल हो गए और नागपुर से चुनाव लड़े, लेकिन कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार से हार गए।
बनवारी लाल ने 2007 में उस समय तहलका मचा दिया कि 1989 में आरएसएस चीफ बालासाहेब देवरस और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक घंटे की गुप्त मुलाकात हुई थी। उन्होंने दावा किया कि 1989 के चुनावों में आरएसएस द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने के बदले राजीव गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए एक गुप्त समझौता किया था।












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