सामने आए राहुल तिवारी ने किया खुलासा, बिल्हौर सीओ के नहीं, SSP के आदेश पर दबिश देने गई थी पुलिस

कानपुर। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद राहुल तिवारी सामने आ गया है। यह वही शख्स है, जिसने विकास दुबे के खिलाफ चौबेपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस शख्य की एफआईआर के बाद ही पुलिस बिकरू गांव में दबिश देने गई थी। 14 दिन बाद सामने आए राहुल तिवारी ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, जब उसको बीच रास्ते से उठाकर विकास दुबे ने पीटा था तो वो वहां से भागकर चौबेपुर थाने के थानेदार के पास गया था, लेकिन वहां सुनवाई ना होने पर वो एसएसएपी के पास पहुंचा था। एसएसपी के आदेश पर ही विकास दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई औऱ उनके ही निर्देश पर सीओ बिल्हौर फोर्स के साथ विकास की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी।

सीओ के नहीं, SSP के कहने के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर

सीओ के नहीं, SSP के कहने के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर

हालांकि, अभी तक चर्चा थी कि मामले का सीधा संज्ञान बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्रा ने लिया था। दरअसल, बिकरू शूटआउट कांड के 14 दिन बाद सामने आए राहुल तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विकास ने जब उसको जान से मारने का प्रयास किया तो उसने तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी से एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई। एसओ ने रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। तब वह एसएसपी दिनेश कुमार पी के पास पहुंचे। उनको पूरी घटना बताई। तब एसएसपी ने कार्रवाई के लिए सीओ को निर्देशित किया था। इसके पहले कहा जा रहा था कि शहीद डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्र विकास दुबे के पीछे पड़े थे। उन्होंने ही मामला संज्ञान में लिया था और फिर केस दर्ज करवाकर दबिश दी थी। अब राहुल के सामने आने के बाद इन चर्चाओं पर विराम लग गया है।

'पुलिस आएगी तो मार खाकर जाएगी'

'पुलिस आएगी तो मार खाकर जाएगी'

विकास दुबे अक्सर कहता था कि बिकरू गांव में पुलिस नहीं घुस सकती। अगर गलती से आ गई तो मार खाकर जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बार ऐसा हुआ भी। शहर में रह चुके अधिकारियों को इसकी जानकारी है। मगर जब राहुल ने शिकायत की तो नए एसएसपी वहां के खतरे को भांप नहीं सके। दबिश का आदेश दे दिया। अगर वे बिकरू और विकास के इतिहास से परिचित होते तो रणनीति के साथ पीएसी के अलावा कई अन्य थानों का फोर्स वहां भेजते।

विकास दुबे को पकड़ने गई फोर्स नहीं थी कम

विकास दुबे को पकड़ने गई फोर्स नहीं थी कम

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्किल की फोर्स ने दबिश दी थी। 40 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए इतना फोर्स पर्याप्त है। लेकिन फोर्स उस तैयारी से नहीं पहुंचा था जितनी विकास के लिए होनी चाहिए थी। किसी को अंदेशा नहीं था कि विकास इस तरह से हमला कर देगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+