कानपुर: विकास दुबे से संबंधों की पुष्टि होने पर खंड विकास अधिकारी सस्पेंड, सरकार के निर्देश के बाद कार्रवाई
Kanpur News: कानपुर। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) से घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि होने के बाद चौबेपुर के खंड विकास अधिकारी (BDO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले भी कुछ दिनों पहले विकास दुबे से संबंधों के चलते एक सरकारी कर्मचारी को सस्पेंड किया गया था। निलंबन की पुष्टि करते हुए सीडीओ महेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार के दिशा निर्देश पर चौबेपुर के खंड विकास अधिकारी आलोक पांडेय को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है। बता दें, कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू कांड को करीब छह महीने बीत चुके हैं। इस मामले में एसआईटी की जांच जारी है।

एसआईटी की जांच में भी चौबेपुर के खंड विकास अधिकारी आलोक पांडेय का नाम सामने आया था। एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि चौबेपुर के खंड विकास अधिकारी लगातार अपराधी विकास दुबे के संपर्क में थे और उसके कहने पर ही काम करते थे। यही नहीं, विकास दुबे के कहने पर ही बिकरू और आसपास के क्षेत्र में मनरेगा व अन्य योजनाएं के तहत काम होता था। खंड विकास अधिकारी आलोक पांडेय पर लगे आरोपों के बाद सरकार के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बीते दिनों एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas dubey) के भाई दीप प्रकाश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस कई दिनों से उसकी तलाश कर रही थी। बता दें, उमाशंकर यादव के साथ विपुल दुबे ने भी कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाया। पुलिस ने कई बार उसकी लोकेशन के आधार पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा था। इसके अलावा पुलिस ने फरार आरोपित विपुल दुबे पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा है। पुलिस लगातार विपुल की तलाश में दबिश दे रही है।












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