ज्योति हत्याकांड: शक के घेरे में मुख्य विवेचक, मामले को 'हल्के' में लेने का आरोप
कानपुर। धोखा देकर रईस बेटे ने पत्नी की जिंदगी तो निगली ही पर मामले पर न्याय के लिए भटक रहे मृतका के परिजन भी दर-दर की ठकरें खा रहे हैं। कानपुर के हाई प्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में अब इस मामले की जांच कर रहे मुख्य विवेचक ही संदेह के घेरे में हैं।

बहू ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मुख्य विवेचक एसओ स्वरूप नगर को ही आरोपियों को शक के घेरे में ला खड़ा किया है। विवेचना से जुड़े कई सवाल उठाकर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाकर आइजी से विवेचक बदलने की मांग की है।
ज्योति के पिता अब असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। दो दिन पहले उन्होंने मुख्य विवेचक एसओ स्वरूप नगर पर मुकदमे को ठाडा करने और दूसरे पक्ष से मिलने का आरोप लगा कर आइजी आशुतोष पांडेय से शिकायत की थी।
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मुकदमे से संबंधित सभी विवेचकों और अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई है। एसएसपी से पूरे प्रकरण की नए सिरे से समीक्षा के लिए कहा गया है साथ ही मामले पर पहले से ज्यादा सक्रियता व गंभीरता बरतने की तैयारी की जा रही है।
पीयूष ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर 27 जुलाई को भाड़े के हत्यारों अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष से ज्योति की हत्या करवा दी थी। सभी आरोपी जेल में हैं। ज्योति हत्याकांड के मुख्य विवेचक एसओ स्वरूप नगर शिवकुमार राठौर हैं। हालांकि मामले पर अभी आगे की जांच योजना पर खुलास नहीं किया गया है।












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