यूपी में ब्लैक फंगस से दो और मौतें, कानपुर IIT के छात्र और एक शिक्षक ने तोड़ा दम
कानपुर, मई 26: कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच अब ब्लैक फंगस लोगों की जान ले रहा है। उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ और मेरठ के बाद अब कानपुर में भी ब्लैक फंगस से लोगों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां के हैलेट हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के चलते एक मरीज की मौत हो गई, जबकि कानपुर आईआईटी के छात्र ने लखनऊ के पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

फंगस की वजह से निकाल दी गई थी एक आंख
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कानपुर आईआईटी पीएचडी के छात्र कवींद्र कुमार चतुर्वेदी कोरोना ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए थे। कवींद्र का इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा था। मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, इलाज के दौरान कवींद्र की एक आंख पूरी तरह से खराब हो चुकी थी और उसे निकाला भी जा चुका था। आईआईटी निदेशक से लेकर उनके साथी इलाज के दौरान सहयोग करते रहे, लेकिन फंगस ने उनके ब्रेन पर अटैक कर दिया था। मंगलवार को उनका निधन हो गया। आईआईटी निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। कवींद्र कुमार ने आईआईटी में 2019 में पीएचडी में दाखिला लिया था। वह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे थे। कवींद्र ने पिछले साल लॉकडाउन के दौरान शादी की थी।
ब्लैक फंगस ने ली एक शिक्षक की जान
इसके अलावा ब्लैक फंगस से एक शिक्षक की मौत हुई है। वह उन्नाव के रहने वाले थे। हैलेट हॉस्पिटल के न्यूरो वार्ड में उनका इलाज चल रहा था। शिक्षक कोरोना और ब्लैक फंगस दोनों से संक्रमित थे। मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई। हैलेट के ब्लैक फंगस वार्ड में अबतक 17 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिसमें ये पहली मौत है। ब्लैक फंगस से जुड़ी दूसरी मौत कानपुर आईआईटी के छात्र की लखनऊ पीजीआई में हुई है।












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