विकास दुबे को कितनी और कहां-कहां गोलियां लगीं? चार पुलिसकर्मी, दो एसटीएफ कमांडो भी घायल
लखनऊ। कानपुर के सचेंडी क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह विकास दुबे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया है कि जैसे ही कार पलटी, विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने की कोशिश की और वहां से भागने लगा। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें विकास दुबे घायल हो गया। उसे लाला लाजपत राय अस्पताल ले जाया गया जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉक्टर आरबी कमल ने बताया कि विकास दुबे को यहां मृत अवस्था में लाया गया था, उसको चार गोली लगी थी। तीन गोली सीने में और एक हाथ में लगी थी।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में सिविल पुलिस के चार कर्मी घायल हैं। इनमें तीन सब इंस्पेक्टर और एक कॉन्सेटबल हैं। प्रशांत कुमार ने बताया कि एसटीएफ के दो कमांडो को भी गंभीर चोटें आई हैं। घायल पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी देते हुए लाला लाजपत राय अस्पताल के प्रिंसिपल आरबी कमल ने बताया कि रमाकांत, पंकज और प्रदीप खतरे से बाहर हैं। दो पुलिसकर्मियों को गोली लगी है जिनकी हालत स्थिर है।

एडीजी प्रशांत कुमार ने विकास दुबे के गांव में हुए पुलिस हत्याकांड पर बताया कि उसमें 21 नामजद अभियुक्त थे और 60-70 अन्य अभियुक्त थे। इनमें से अभी तक तीन की गिरफ्तारी हुई है। छह अभियुक्त मुठभेड़ में मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि 120बी के तहत 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 12 इनामी बदमाशों की तलाश की जा रही है।
बिकरू गांव में सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस टीम एक केस के सिलसिले में विकास दुबे के घर पर दबिश देने गई थी। पुलिस की ही मुखबिरी से विकास दुबे को पहले से यह बात पता थी और उसने दबिश देने आई पुलिस टीम पर हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। वहां से फरार होने के बाद विकास दुबे पुलिस को चकमा देता हुआ उज्जैन जा पहुंचा और गुरुवार को महाकाल मंदिर के सामने उसको पकड़ा गया। एमपी पुलिस ने विकास दुबे को पकड़कर यूपी पुलिस और एसटीएफ को सौंप दिया। उज्जैन से कानपुर तक लाते समय रास्ते में शुक्रवार की सुबह विकास दुबे को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।












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