Rajasthan: 12वीं बोर्ड की टॉपर समेत 3 बेटियां बनेंगी साध्वी, जानिए संन्यास लेने की वजह
Rajasthan 3 Betiyan Banegi Sadhvi: राजस्थान की तीन बेटियां खुशी व ऋद्धि बाफना और नेहा जैन सांसारिक सुख और मोह-माया को त्यागकर भक्ति के पथ पर आगे बढ़ गई हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक बेटी तो राजस्थान 12वीं बोर्ड की टॉपर रही है।
बता दें कि राजस्थान के जोधपुर व गंगापुर की रहने वाली इन तीन बेटियों ने कम उम्र में ही सांसारिक सुख को त्यागकर संन्यास लेने का फैसला लिया है। इनके दीक्षा कार्यक्रम का आगाज 13 जनवरी से जोधपुर में हो चुका है।

तीनों बेटियों के साध्वी बनने के मौके पर 15 जनवरी को वरघोड़ा निकाला जाएगा। 16 जनवरी को आचार्य प्रवर हीरानंद जी महाराज, भावी आचार्य प्रवर महेंद्र मुनि महाराज की मौजूदगी में जैन भागवती दीक्षा अंगीकार करेंगे।
उल्लेखनीय हैं कि दीक्षा लेने वाली 17 वर्षीय खुशी के पिता जोधपुर की भीतरी शहर में राजपूती पोशाक और शेरवानी के व्यापारी हैं जबकि 18 वर्षीय ऋद्धि बाफना जोधपुर की भोपालगढ़ की मूल निवासी हैं। संतों के विचारों को सुनकर ऋद्धि को त्याग पथ पर जाने का भाव आया।
तीसरी बेटी नेहा जैन गंगापुर की रहने वाली है। इनके पिता व्यापारी हैं। ये कहती हैं कि 27 वर्षीय नेहा जैन का कहना है कि जन्म और मरण के जंजाल से मुक्ति संभव है। जैन हितेषी श्रावक संघ के द्वारा बीजेएस कॉलोनी स्थित हनुमंत गार्डन में आयोजित दीक्षा कार्यक्रम में तीनों एक साथ दीक्षा लेंगीं।
बताया जा रहा है कि जोधपुर शहर की रहने वाली खुशी 12वीं की टॉपर हैं। इसने 12वीं बोर्ड कॉमर्स की परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। खुशी परिवार में उनके दो भाई और एक बहन में सबसे छोटी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऋद्धि ने जब साध्वी बनने के अपने विचार पहली बार परिवार के साथ साझा किए तो परिवार वालों ने कम उम्र का हवाला देकर उसे दीक्षा लेने से रोकने की कोशिश की, लेकिन ऋद्धि ने कठिन रास्तों की परवाह किए बिना संयम पथ पर आगे बढ़ने का निश्चिय किया।
उधर, गंगापुर की नेहा जैन की इच्छा धर्म को जानने की भी थी। उसे प्रतिदिन यही विचार आता था। ऐसे में भिक्षु बनने का फैसला किया। एक भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी नेहा जैन हिंदी लिटरेचर में स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी कर चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications