Rajasthan : बछड़े के साथ कोर्ट में पेश हुई गाय, अब तय होगा कांस्टेबल या टीचर में से... देखें VIDEO

Jodhpur News, जोधपुर। कुछ महीने से एक गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब रोचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इसी को लेकर के शुक्रवार को गाय को कोर्ट में लाया गया, जहां कोर्ट में पेश किया और उसके बाद जस्टिस द्वारा तय किया जाएगा कि गाय का असली मालिक कौन है।

नवंबर 2018 को एक बछड़े को जन्म दिया

नवंबर 2018 को एक बछड़े को जन्म दिया

आपको बता दें कि राजस्थान पुलिस के एक कांस्टेबल और एक टीचर के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने गाय को गोशाला में भेज दिया था। वहां गाय ने 11 नवंबर 2018 को एक बछड़े को जन्म दिया। इसी से दोनों पक्ष के दावों की पुष्टि होनी है, एक दिन पहले गोशाला में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे।

50 घंटों की रिकॉर्डिंग के साथ जोधपुर की मंडोर थाना पुलिस अब यह सीडी जोधपुर काेर्ट में पेश की। इसके साथ पुलिस की जांच रिपोर्ट भी है, जिसमें गाय के खुद का दूध पीने के एक पक्ष के दावे को भी अपुष्ट माना है, लेकिन गाय का असली मालिक कौन है, यह भी स्पष्ट नहीं किया है। इस केस के जांच अधिकारी एएसआई मनोहरसिंह का कहना है कि कोर्ट ही तय करेगी कि गाय का मालिक कौन है। उल्लेखनीय है कि मंडोर के चैनपुरा नयाबास निवासी टीचर श्यामसिंह परिहार और पुलिस कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई के बीच एक गाय के मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हुआ था।

शिक्षक का तर्क था ​कि गाय खुद का दूध पीती है

शिक्षक का तर्क था ​कि गाय खुद का दूध पीती है

शिक्षक परिहार का तर्क था ​कि गाय खुद का दूध पीती है। चूंकि, विवाद के वक्त गाय दूध नहीं दे रही थी। तब तक गाय को गोशाला में रखा गया। डिलीवरी से एक दिन पहले गाय की निगरानी के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। मंडोर पुलिस ने 50 घंटों की एक सीडी तैयार की ताकि शिक्षक के तर्क की पुष्टि की जा सके। मंडोर स्थित पन्नालाल गोशाला में लगे कैमरे के फुटेज से अब कोर्ट में गाय के असली मालिक का फैसला किया जाएगा।

ये थे दोनों पक्ष के अपने-अपने तर्क

ये थे दोनों पक्ष के अपने-अपने तर्क

गाय पर दोनों दावेदारों ने अपने तर्क मंडोर पुलिस के सामने रखे थे। ऐसे में दोनों के बीच मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद से पुलिस ने गाय को डिलीवरी तक पन्नालाल गोशाला भेज दिया था।


1. कांस्टेबल विश्नोई का कहना था कि गाय 4 साल से उसके पास ही थी, उसे गांव से लाया था। इसी गाय की एक बछड़ी घर पर है। कांस्टेबल ने पुलिस और शिक्षक के सामने गाय व बछड़ी के डीएनए टेस्ट का भी हवाला दिया था। ऐसे में जो झूठा साबित होगा वो डीएनए टेस्ट का खर्च वहन करेगा।


2. शिक्षक परिहार का कहना था कि गाय उसकी है, तीन दफा गाय की डिलीवरी हो चुकी है। ऐसे में गाय स्वयं का दूध भी पीती है। ये केवल मालिक ही बता सकता है, दूसरा नहीं। विवाद के बाद शिक्षक ने कांस्टेबल के खिलाफ मंडोर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी।

बयान लेने में भी पुलिस आनाकानी कर रही

बयान लेने में भी पुलिस आनाकानी कर रही

शिक्षक परिहार ने मंडोर थाना पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने तथा गाय के असली मालिक को सामने नहीं लाने का आरोप लगाया है। परिहार का कहना है कि कांस्टेबल ओमप्रकाश पुलिस महकमे में है, ऐसे में पुलिस सहकर्मी के खिलाफ फैसला नहीं ले पा रही। मोहल्लेवासियों के बयान लेने में भी पुलिस आनाकानी कर रही थी। अब आज कोर्ट ही बताएगा कि गाय का असली मालिक कौन है।

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