आखिर क्यों हेमंत सोरेन ने अकेले ली CM पद की शपथ? नतीजों के 5 दिन बाद भी क्यों नहीं हो पाया मंत्रिमंडल पर फैसला
Hemant Soren News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। हेमंत सोरेन झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री बने हैं। पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत सोरेन के साथ कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के पांच दिन बाद भी इंडिया ब्लॉक में मंत्रिमंडल पर फैसला नहीं हो पाया है।
जेएमएम द्वारा दावा किए जाने के बाद हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद भी मंत्रिमंडल पर समंजस की स्थिति बनी हुई है। जेएमएम ने पहले ही कहा था कि हेमंत सोरेन अकेले की शपथ लेंगे। कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। असल में कांग्रेस के विधायकों में मंत्री बनने की होड़ मची है। यही वजह है कि पार्टी अभी तक मंत्री पद के नाम तय नहीं कर पाई है।

सिर्फ मंत्री पद के नाम ही नहीं, यहां तक की पार्टी ने विधायक दल का नेता तक तय नहीं किया है। हालांकि पहले सहयोगी कांग्रेस की राज्य इकाई के सूत्रों ने दावा किया था कि इस बात की "संभावना" है कि उनके एक विधायक के साथ-साथ एक राजद विधायक भी शपथ ग्रहण समारोह में हेमंत सोरेन के साथ शामिल हो सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कांग्रेस और CPI (ML) L ने अभी तक तय नहीं किए मंत्री के नाम!
जेएमएम के एक सूत्र ने कहा है कि, "केवल हेमंत सोरेन ने ही शपथ ली है क्योंकि सहयोगी कांग्रेस और CPI (ML) L ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि विधानसभा में उनके संबंधित विधायक दल के नेता कौन होंगे।"
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक झारखंड कांग्रेस के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "हम चीजों को सुलझाने की प्रक्रिया में हैं।" झारखंड के प्रभारी एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने पहले ही साफ कह दिया था कि 28 नवंबर को शपथ ग्रहण में केवल हेमंत सोरेन ही शामिल होंगे।
गुलाम अहमद मीर ने 27 नवंबर को सरकार गठन पर चर्चा के लिए रांची पहुंचने के बाद कहा, "यह तय हो चुका है कि मंत्रिमंडल का विस्तार वोट-ऑन-अकाउंट (सदन में) के बाद होगा। झारखंड में यह पहली बार नहीं होगा कि मंत्रिमंडल का गठन प्रक्रियागत फ्लोर टेस्ट के बाद किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि इस संबंध में सब कुछ कम से कम समय में पूरा किया जाए।"
झारखंड में कैसे तय होंगे 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल?
जेएमएम सूत्रों ने बताया कि 12 सदस्यीय झारखंड मंत्रिमंडल को मोटे तौर पर 'प्रत्येक चार विधायकों पर एक मंत्री पद' के फार्मूले पर भरा जाएगा और इसमें राज्य के पांच प्रशासनिक क्षेत्रों दक्षिण छोटानागपुर, उत्तर छोटानागपुर, कोल्हान, पलामू और संथाल परगना से दो-दो विधायक होंगे।
झारखंड में लगातार दूसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले इंडिया ब्लॉक ने राज्य की 81 सीटों में से 34 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 16, आरजेडी ने चार और सीपीआई (एमएल) एल ने दो सीटें जीतीं। सूत्रों ने बताया कि जेएमएम के छह मंत्री बनने की संभावना है, जबकि सहयोगी कांग्रेस के चार और आरजेडी के एक मंत्री बनने की संभावना है। सूत्रों ने बताया, "शेष खाली सीटों के लिए इंडिया ब्लॉक एक महिला विधायक को कैबिनेट में शामिल करने या इसे सीपीआई (एमएल) एल को देने पर विचार कर सकता है।"












Click it and Unblock the Notifications