झारखंड: सर्वजन पेंशन योजना से लाखों बेसहारा नागरिकों को मिला जीने का सहारा
झारखंड में 'सर्वजन पेंशन योजना' का लाभ राज्य के सभी पात्र लाभार्थियों को दिया जा रहा है। हेमंत सरकार ने पहले इस योजना के लिए जो कुछ बाध्यताएं थीं उसे समाप्त कर दिया है। जिससे इस योजना के लाभार्थियों का दायरा काफी बढ़ गया है। सबसे बड़ी बात है कि सरकार का यह साफ निर्देश है कि किसी भी स्थिति में हर महीने की पांच तारीख को लाभार्थियों को पेंशन देना सुनिश्चित किया जाए। इस योजना में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दे रखे हैं।

'सर्वजन पेंशन योजना' के तहत आवेदन पर 30 दिन में अमल
झारखंड सरकार की 'सर्वजन पेंशन योजना' के तहत यह व्यवस्था है कि आवेदन के 30 दिनों के अंदर ही उस पर अमल किया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के कोई भी बुजुर्ग इसकी पात्रता रखते हैं। जबकि, 18 साल से अधिक की विधवा या परित्यक्त महिला, 45 साल से ज्यादा की अकेली महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इसी तरह दिव्यांगजनों के लिए उम्र की सीमा महज 5 साल रखी गई है। एचआईवी और एड्स पीड़ितों को भी इस पेंशन योजना का लाभ मिलता है। सबसे बड़ी बात ये है कि राज्य सरकार ने यह भी तय कर दिया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी नहीं कि पात्र बीपीएल परिवार का ही सदस्य हो। झारखंड सरकार ने राशन कार्ड की बाध्यता भी खत्म कर रखी है और सिर्फ वोटर आई कार्ड से ही लाभ उठाया जा सकता है।
हर महीने एक हजार रुपए पेंशन का इंतजाम
'सर्वजन पेंशन योजना' के तहत लाभार्थियों को हर महीने एक हजार रुपए बतौर सम्मान राशि दिए जाने का इंतजाम है। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित कर रखा है कि जो सरकारी अधिकारी इस योजना को लागू करने में सहयोग नहीं करेंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी। यानि अगर पांच तारीख को लाभार्थी को पेंशन नहीं मिला तो भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। इस योजना के दायरे में राज्य के लाखों लोगों को लाने की गुंजाइश रखी गई है।
निराश्रितों के जीवन में बदलाव लाना है उद्देश्य
'सर्वजन पेंशन योजना' का उद्देश्य गरीब और बेसहारा लोगों को सम्मानजनक सहायता देकर उनकी जिंदगी में थोड़ा बदलाव लाने का प्रयास करना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी जरूरतमंद इसके लाभ से वंचित ना रहने पाए। जून महीने में तो राज्य सरकार ने इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक महीने का विशेष अभियान भी चलाया था।
झारखंड का स्थाई निवासी होना अनिवार्य
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सिर्फ यह आवश्यक है कि पात्र को झारखंड का स्थाई निवासी होना चाहिए। उसके पास आय का अन्य कोई साधन नहीं होना चाहिए। यही नहीं लाभार्थियों के लिए यह भी अनिवार्य है कि उसका परिवार आयकर अदा नहीं करता हो। आवेदक खुद या पति/पत्नी केंद्र या राज्य सरकार या सार्वनिक उपक्रमों में स्थायी रूप से नियोजित ना हो या पेंशन या पारिवारिक पेंशन नहीं लेता हो।
इस योजना के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ और शहरी क्षेत्र में सीओ के यहां आवेदन दिए जा सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications