दुष्कर्म पीड़िता नहीं चाहती मां बनना, माता-पिता बना रहे हैं दबाव
झारखंड। प्रदेश के धतकीडीह जिले में 15 साल की दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग का गर्भपात टलता जा रहा है, जिससे उसकी जान को खतरा बढ़ता जा रहा है। एमजीएम की तरफ से मांगे गए निर्देश को लेकर अबतक कोर्ट से कोई पत्र मिला नहीं है। वहीं गर्भपात को लेकर नाबालिग और उसके माता-पिता के विचारों में मतभेद नजर आ रहा है।

नाबालिग चाहती है गर्भपात
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक एक तरफ जहां नाबालिग गर्भपात कराना चाहती है तो वहीं दूसरी तरफ उसके माता-पिता उसकी जान की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए प्रसव कराना चाहते हैं। इस मामले को लेकर नाबालिग के मां-बार एमजीएम अधीक्षक डॉ. आरके मंधान से मिले और सुरक्षित प्रसव कराने की अपील की।

परिजन कर रहे हैं प्रसव की अपील
यह जानकारी देते हुए एमजीएम अधीक्षक ने बताया कि परिजन मिलने आए थे और अपील कर रहे थे कि बेटी की सुरक्षा को लेकर गर्भपात ना कराया जाए और सुरक्षित प्रसव होने दिया जाए। इसपर अधीक्षक ने कहा कि यह मामला कोर्ट से संबंधित है। कोर्ट की तरफ से गर्भपात कराने का आदेश जारी हो चुका है।

छह माह का हो चुका है गर्भ
हालांकि मेडिकल बोर्ड द्वारा स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने निर्देश मांगा गया है । क्योंकि गर्भ लगभग छह माह का हो चुका है और भ्रूण विकसित हो चुका है। ऐसे में गर्भपात से नाबालिक की जान को खतरा है। इसलिए कोर्ट से किशोरी को सिजेरियन करने या उसे हायर सेंटर रेफर करने की अनुमति मांगी गई है।












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