क्या BJP झारखंड में भी करेगी खेला? 'झामुमो गठबंधन' में टूट का अंदेशा, बाहर भेजे जा सकते हैं विधायक
Jharkhand Political Crisis: झारखंड में बड़ा सियासी संकट जारी है। हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की गिरफ्तारी के बाद सियासी उठा-पठक बढ़ गई है। इस संकट के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायकों को झारखंड से बाहर भेजने की तैयारी चल रही है।
झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों को फिलहाल रांची नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया है। खबर है कि झामुमो के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में फूट पड़ सकती है।

झारखंड में सत्ता का गणित क्या है?
- झारखंड विधानसभा की कुल संख्या 81 है, जिसमें एक सीट खाली है। गांडेय विधानसभा सीट से जेएमएम के विधायक ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
- झारखंड में फिलहाल झामुमो, कांग्रेस और आरजेडी की सरकार है। झारखंड विधानसभा के कुल 80 में से 48 विधायक झामुमो के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन 'इंडिया' गठबंधन के हैं।
- झामुमो के 29, कांग्रेस 17 और आरजेडी-सीपीएम के पास एक-एक सीटें हैं। वहीं भाजपा 26 सीटें हैं। वहीं आजसू के 3 और 2 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी बीजेपी के साथ है।
- फिलहाल सत्तारूढ़ गठबंधन का दावा है कि उनके पास 47 विधायकों का समर्थन है। जबकि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का दावा है कि उनके पास बहुमत नहीं है। उनके पास 42-43 विधायकों के ही हस्ताक्षर हैं। जिनमें से अभी कुछ गायब हैं। उन्होंने कहा कि, सीता सोरेन, रामदास सोरेन बैठक में मौजूद नहीं थे। वहीं कांग्रेस के कई नेता बैठक में नहीं थे।
- निशिकांत दुबे ने साफ कह दिया है कि वो झामुमो के साथ सरकार नहीं बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी भ्रष्टाचारियों के साथ सरकार नहीं बनाती है।
राज्यपाल ने अभी तक नहीं दिया शपथ ग्रहण के लिए समय
हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया और सीएम बनाने का फैसला किया गया। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को 31 जनवरी की रात चंपई सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और 43 विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र सौंपा। लेकिन अब तक राज्यपाल ने चंपई सोरेन के शपथ ग्रहण के लिए समय नहीं दिया है।
झारखंड से बाहर भेजे जाएंगे JMM विधायक
खबर है कि झामुमो विधायकों को झारखंड से बाहर भेजने की तैयारी की जा रही है। इन्हें कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना में भेजा जा सकता है। इसके लिए रांची सर्किट हाउस में ठहरे जेएमएम विधायकों को लेने के लिए आज दोपहर बस भी पहुंची है। विधायकों को टूट से बचाने के लिए उन्हें तेलंगाना शिफ्ट करने का सोचा गया है।












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