देश के सबसे विशाल हाई कोर्ट परिसर पर लगी किसकी नजर! अजीब हरकतों के पीछे कौन?
इसी साल 24 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रांची में झारखंड हाई कोर्ट की नई इमारत का उद्घाटन किया था। यह देश का सबसे बड़ा हाई कोर्ट परिसर है। झारखंड हाई कोर्ट की इस नई इमारत में कुछ ही हफ्तों बाद 12 जून से सामान्य कामकाज भी शुरू हो गया था। लेकिन, वहां बहुधार्मिक पूजा-पाठ का आयोजन गुरुवार को कराया गया है।
एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस बहुधार्मिक पूजा-पाठ और प्रार्थना कार्यकमों को आधिकारिक तौर पर सामान्य अनुष्ठान बताया गया है, जो कि किसी भी नए स्थान में जाने पर कराया जाता है। लेकिन, टीओआई से कई वकीलों ने कहा है कि यह धार्मिक अनुष्ठान नए परिसर में 'असाधारण' गतिविधियों को देखते हुए कराए गए हैं।

'एक डरावनी आवाज, जो निश्चित तौर पर किसी जानवर की नहीं है'
गुरुवार को आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में झारखंड हाई कोर्ट के अन्य जजों के अलावा खुद चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे। तथ्य ये है कि नया हाई कोर्ट परिसर एक कब्रिस्तान के बगल में है। एक सरकारी वकील ने इसके बारे में बताया कि वहां 'असाधारण गतिविधियां' देखी गई हैं। उनके अलावा और कुछ अन्य वकीलों के मुताबिक इसमें 'एक डरावनी आवाज, जो निश्चित तौर पर किसी जानवर की नहीं है' सुनाई पड़ती हैं।

एडवोकेट एसोसिएशन ने 'असाधारण' गतिविधियों की बातों को नकारा
हालांकि, एडवोकेट एसोसिशन के सचिव नवीन कुमार ने इन दावों को खारिज करने की कोशिश की है। उनके मुताबिक गुरुवार को जो विभिन्न धर्मों का अनुष्ठान कराया गया, वह किसी भी नए परिसर में जाने पर सामान्य तौर पर होता है और इसका असाधारण गतिविधियों से कोई मतलब नहीं है।

धार्मिक अनुष्ठानों में दो महीने से ज्यादा क्यों लग गए?
लेकिन, सवाल है कि अगर यह सब पूजा-पाठ नए परिसर में काम शुरू करने के लिए किया गया है तो इसमें दो महीने से ज्यादा क्यों लग गए? कहा जा रहा है कि हाई कोर्ट परिसर में काम के सिलसिले में देर तक रुकने वालों ने असाधारण हरकतें महसूस की हैं।

पूजा के बाद राहत महसूस कर रहे हैं कई वकील
ऐसे वकील जो अजीब और विचित्र गतिविधियों से परेशान थे, वे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और जैन पुजारियों के साथ-साथ आदिवासी 'पाहन' का आशीर्वाद पाने के बाद फिलहाल काफी राहत महसूस कर रहे हैं और उन्हें यकीन है कि अब ऐसी 'विचित्र' गतिविधियां नहीं होंगी। इन धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्रसाद के तौर पर पारंपरिक पूड़ी-सब्जी, खीर और बुंनियां का भी भरपूर इंतजाम रखा गया था।

165 एकड़ में फैसला है झारखंड हाई कोर्ट का नया परिसर
गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट का पुराना परिसर भीड़ भाड़ वाले डोरंडा इलाके में है। नया राज्य बनने के बाद से वह छोटा महसूस किया जा रहा था। जिसकी जगह पर रांची के धुर्वा इलाके में हाई कोर्ट का नया परिसर और अत्याधुनिक इमारतें बनाई गई हैं। पूरा परिसर 165 एकड़ में फैला हुआ है, जो देश में सबसे बड़ा हाई कोर्ट परिसर है।
24 मई को इसके उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रांची आई थीं और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी इसमें उपस्थित थे। उद्घाटन के कुछ हफ्तों बाद यानी 12 जून से इसमें सामान्य कामकाज चल रहा है।












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