Jharkhand Floor Test: चंपई सरकार की अग्निपरीक्षा आज, सदन में साबित करना होगा बहुमत
झारखंड में राजनीतक उठापटक के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की परीक्षा से गुजरने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की राह आसान नहीं होने वाली है। जिस तरह से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेमबरोन ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आखिर क्यों विधायकों को आलीशान रिजॉर्ट में रखा जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाले गठबंधन के विधायक अब हैदराबाद से वापस रांची पहुंचने लगे हैं। ऐसे में हर किसी की नजर आज सुबह 11 बजे होने वाले फ्लोर टेस्ट पर है। चंपई सोरेन जिन्होंने हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उनके लिए यह फ्लोर टेस्ट कठिन परीक्षा साबित हो सकता है।

आज होने वाले फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए हेमंत सोरेन जेल से बाहर आएंगे और विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा लेंगे। झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं, ऐसे में बहुमत साबित करने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन के पास 48 विधायकों का समर्थन है, ऐसे में वह आसानी से अपना बहुमत साबित कर सकती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 29, कांग्रेस के पास 17, राजद और सीपीई के पास 1-1 विधायक हैं, जो इस गठबंधन की सरकार का हिस्सा हैं।
लेकिन सभी विधायक फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं लेने वाले हैं। एनडीए के 29 विधायक जिसमे भाजपा के पास 26 विधायक हैं, एजेएसयू के पास 3 और निर्दलीय 3 विधायक हैं। जब हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया या था, चंपई सोरेन राज्यपाल के पास गए और उन्होंने 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया था।
कुछ विधायकों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना था कि विधायक हमारे साथ ही हैं। गठबंधन के विधायक भाजपा की ओर से विधायकों की किसी भी तरह की खरीद-फरोक्त से बचने के लिए हैदराबाद चले गए थे।
विधायकों ने यहां एक हफ्ते का समय बिताया, ये लेओनिया रिसॉर्ट में भारी सुरक्षा के बीच रह रहे थे, उन्हें बाहर से किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं थी। कांग्रेस ने इन विधायकों के यहां रहने का खर्च वहन किया था। जब चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे तो हेमंत सोरेन परिवार से कम से कम एक सदस्य को मंतिमंडल में शामिल करने पर भी चर्चा हो सकती है।
माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन को मंत्री बनाया जा सकता है। वर्ष 2022 में जब हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तो 48 विधायकों का उनके पास समर्थन था।












Click it and Unblock the Notifications