Jharkhand Poll: पीएम मोदी की रैली में शामिल होगी गुमला की जनता, ग्राउंड रिपोर्ट से जानिए किसे भेजेगी सत्ता तक
Jharkhand Election 2024: झारखंड में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने है। पहले चरण में 13 नवंबर और दूसरे चरण में 20 नवंबर को वोटिंग होगी। यहां मुख्य लड़ाई बीजेपी और झामुमो के बीच मानी जा रही है। ऐसे में दोनों पार्टियों की तरफ से चुनाव प्रचार तेज हो गया है। इस बीच वनइंडिया की टीम झारखंड के गुमला जिला पहुंची, जहां वोटर्स से सीधी बात करते हुए जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की।
झारखंड की जनता क्या एक बार फिर से हेमंत सोरेन सरकार की सत्ता में वापसी करवाएगी या सत्ता परिवर्तन होगा। यही जानने की कोशिश की है वनइंडिया हिंदी की टीम ने। ऐसे में गाउंड रिपोर्ट के तहत गुमला जिले के लोगों का क्या कहना है? चलिए जानते हैं...

पीएम मोदी को देखने-सुनने जाएंगे
गुमला के बहमी गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार 10 नवंबर को जनसभा हैं। वनइंडिया हिंदी की टीम ने जब ग्रामीणों से पूछा कि वो पीएम मोदी की जनसभा में जाएंगे। तो ग्रामीणों ने कहा कि हमेशा उन्हें तस्वीरों और टीवी पर देखा है। पीएम अब हमारे गांव में आ रहे है तो उन्हें देखने और सुनने जरूर जाएंगे।
सरना कोड की मांग
ग्रामीण सुमित ने कहा कि किसी भी पार्टी की सरकार रही हो, लेकिन गांव में कोई काम नहीं हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने सरना कोड़ की मांग की। बता दें, सरना कोड, सरना धर्म के लिए अलग से कोड की मांग है। झारखंड के आदिवासी लंबे समय से सरना धर्म कोड लागू करने की मांग कर रहे हैं। 2019 में झारखंड सरकार ने सरना धर्म कोड बिल पास किया था, लेकिन यह बिल अभी केंद्र सरकार के पास मंज़ूरी के लिए अटका हुआ है।
आरक्षण खत्म करना चाहती है मोदी सरकार
ग्रामीणों ने कहा कि पीएम मोदी की सभा में उन्हें जरूर जाएंगे, क्योंकि उन्होंने सुना है कि पीएम आरक्षण खत्म करना चाहते है। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पीएम मोदी की कोई भी योजना उनके हित में नहीं है। वहीं, एक युवा शख्स ने कहा कि मौजूदा हेमंत सरकार में पढ़ाई की कोई अच्छी व्यवस्था नहीं है। टीचर तक स्कूल में नहीं आते।
पीएम किसान योजना का नहीं मिला पैसा
महिलाओं का कहना है कि उनके खातों में पीएम किसान योजना के तहत एक पैसा नहीं आया...मकान तक नहीं मिला। जब महिलाओं से वनइंडिया की टीम ने पूछा कि आप सीएम किसे देखना चाहती है तो सभी एक साथ हेमंत सोरेन का नाम लिया। उन्होंने कहा कि हम हेमंत सोरेन के साथ है।
हवाई अड्डा तो बना, मुआवजा नहीं मिला
बहमा गांव के ग्रामीणों की मानें तो उनकी खेती की जमीन पर कुछ सालों पहले हवाई अड्डा बना था। लेकिन, उन्हें उसके बदल मुआवजा नहीं मिला। अगर वो उस जमीन पर अपना घर या खेती करने जाते है तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास जमीन के कागज भी है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता की उन्हें इस मामले में शिकायत कहा करनी है। बता दें, इसी हवाई पट्टी पर कल पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर भी उतरेगा।
हाईवे में जमीन गई, मुआवजा नहीं मिला
वहीं, एक स्कूट टीचर ने वनइंडिया की टीम से बातचीत में बताया कि हेमंत सोरेन अच्छा काम कर रहे है। लेकिन, वो पीएम की रैली में उन्हें सुनने के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर गांव में समस्याओं की बात करें तो यहां पानी की समस्या बड़ी है। साथ ही, शौचालय की समस्या भी है। बताया कि यहां ग्रामीणों की हाईवे में खेती की जमीन गई है, लेकिन उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला और हाईवे बने हुआ सालभर हो चुका है।
केंद्र की किसी योजना का नहीं मिला लाभ
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केंद्र की किसी योजना का लाभ नहीं मिला। केंद्र की गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ भी यहां ग्रामीणों को नहीं मिला। वहीं, राज्य सरकार की नल जल योजना के तहत भी ग्रामीणों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। क्योंकि, आए दिन पानी की पाइप लाइन खराब हो जाती है। इसमें ठेकेदार और अधिकारियों की गलती है।
PM मोदी का भाषणा लगता है अच्छा
ग्रामीणों ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण अच्छा लगता है, इसलिए उनका भाषण सुनने के लिए जाएंगे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वोट किसे देंगे तो ग्रामीणों ने कहा कि वोट तो हेमंत सोरेन को ही जाएगा।












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