Jharkhand: हेमंत सोरेन का ED अधिकारियों के खिलाफ एक्शन, पुलिस में कराई SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज
Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कथित भूमि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ किए जा रहे हेमंत सोरेन ने जांच एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें और उनके पूरे समुदाय को 'परेशान' करने और 'बदनाम' करने की कोशिश की।

दरअसल, झारखंड सीएम से पूछताछ के लिए ईडी की टीम रांची में मुख्यमंत्री आवास पर पहुंची हुई है, जहां हेमंत सोरेन से जमीन घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर सवाल कर रही है। रांची पुलिस के अनुसार झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की ओर से ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की शिकायत भेजी गई है। धुर्वा थाने में शिकायत मिली है।
SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज
जानकारी के अनुसार सात अधिकारियों की टीम के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाबल भी सीएम आवास पर पहुंचे हुए हैं। इस बीच हेमंत सोरेन ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।
सीएम आवास पर ईडी की टीम
सीएम की ओर से पुलिस में शिकायत ऐसे वक्त में की गई है, जब जांच एजेंसी के अधिकारियों भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को सोरेन से रांची में उनके आवास पर पूछताछ की। बता देंकि यह दूसरी बार है जब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 10 दिनों से ज्यादा समय में हेमंत सोरेन से पूछताछ की जा रही है। मामले के संबंध में उनसे पहले 20 जनवरी को पूछताछ की गई थी।
रांची में धारा 144 लागू
कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए रांची में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ से पहले बुधवार को रांची में सीएम हेमंत सोरेन के समर्थक भी एक्टिव हो गए हैं।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इससे पहले सोमवार को दिल्ली में उनके घर पर सर्च अभियानके दौरान 36 लाख रुपए, एक एसयूवी और कुछ "आपत्तिजनक" दस्तावेज जब्त किए थे। इस बीच हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के कामकाज को बाधित करने के लिए वित्तीय एजेंसी की जांच की कार्रवाई "राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित" थी।












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