Jharkhand Chunav: 'हम 81 सीटों पर लड़ सकते हैं', JMM ने क्यों कहा ऐसा? क्या कांग्रेस से नहीं बन रही बात!
Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनावों को लेकर अब राज्य में सियासी पारा चढ़ने लगा है। विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है, वहीं सत्ताधारी इंडिया गठबंधन में अब सीट शेयरिंग से लेकर मुख्यमंत्री पद तक को विवाद शुरू हो गया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के अंदरखाने सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद को लेकर बहस छिड़ गई है। असल में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने अपने हालिया बयान में कहा है कि झारखंड में रोटेशनल सीएम भी हो सकता है।

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गुलाम अहमद मीर ने कहा कि हमारा इस चुनाव में 30 से 40 सीटें जीतने का टारगेट है। अगर हम इतनी सीटें जीतने में सफल रहते हैं तो राज्य में रोटेशन के आधार पर मुख्यमंत्री बनाने पर बात की जा सकती है। हम निश्चित तौर अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश करेंगे।
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने रांची में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान कहा था कि अगर झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 25 से 30 सीटें मिलती हैं, तो रोटेशन के आधार पर मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा, यानी सरकार के आधे कार्यकाल के लिए कांग्रेस का ही मुख्यमंत्री होगा।
कांग्रेस के इस बयान पर अब जेएमएम बिफर गई है। झामुमो ने कांग्रेस पार्टी को धमकी दी कि अगर गठबंधन सहयोगियों द्वारा हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर कोई सवाल उठाया गया तो पार्टी सभी 81 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।
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JMM ने कहा- हम अकेले 81 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने कांग्रेस के बयान आने के बाद कहा है कि वह राज्य की सभी 81 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम हैं। जेएमएम के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने रोटेशनल सीएम वाले बयान पर पलटवार किया है।
झामुमो महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने साफ किया कि जो लोग झामुमो के नेतृत्व में झारखंड चुनाव लड़ने के लिए सहमत हैं उनका स्वागत है, अन्यथा पार्टी झारखंड की सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि झारखंड में हमारी पार्टी की स्थिति काफी मजबूत है। हम राज्य की सभी 81 सीटों पर उम्मीदवार उतार कर चुनाव लड़ने और जीतने में सक्षम हैं। हमारी पार्टी की स्थिति राज्य में पहले से ज्यादा मजबूत है।
JMM ने याद दिलाया कांग्रेस को गठबंधन का धर्म
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने कांग्रेस को गठबंधन धर्म याद दिलाते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी घटकों को इसका उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, ''पिछले पांच सालों में हमारे द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर हमारे संगठन में काफी दबाव है कि झामुमो सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़े और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर किसी को कोई भ्रम है तो उन्हें 2009, 2014 और 2019 भी याद रखना चाहिए। इसलिए मैं इस पर कोई और टिप्पणी नहीं करूंगा। हम गठबंधन सरकार चला रहे हैं और हमारे बयान भी उसी तर्ज पर होने चाहिए।''
उन्होंने कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि झामुमो ने लोकसभा में उनके लिए सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में और पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन के सिद्धांतों पर ही लड़ा जाएगा।
भट्टाचार्य ने आगे कहा कि जो लोग झामुमो का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं, उनका स्वागत है, अन्यथा वे सभी 81 सीटों पर इतने मजबूत हैं कि विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने पर कम से कम 55 सीटें जीतेंगे।
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क्या झारखंड में इंडिया गठबंधन में बिगड़ जाएगा गणित?
झारखंड में इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस, जेएमएम और राजद अहम पार्टी हैं। इसके अलावा माले की भी हिस्सेदारी है। लेकिन इंडी गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंस सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस इस बार झारखंड में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है। हालांकि उनके हिस्से की सीटें बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है। असल में कांग्रेस में इस बार दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाल के कुछ दिनों में कांग्रेस झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर लगभग एक दर्जन से अधिक दावेदारों से मिल चुके हैं।
कांग्रेस और JMM की इस तकरार पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। जब भूपेश बघेल से इस बात को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसको नजरअंदाज किया। भूपेश बघेल ने कहा, यह केंद्रीय नेतृत्व से जुड़ा मुद्दा है, वो इस मामले पर कुछ भी नहीं कहना चाहते हैं।
अगर 2019 के विधानसभा चुनावों की बात करें तो झामुमो 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें जीती थीं। अब ऐसे में देखने वाली बात होगी कि झारखंड चुनाव में इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का क्या फॉर्मूला होगा।












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