Jharkhand Chunav: बीजेपी में शामिल होने पर बोलीं गीता हाजरा, कहा-'जेएमएम के लिए काम किया, पार्टी ने धोखा दिया'
Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड के गिरिडीह में बीजेपी में शामिल होने पर गीता हाजरा ने कहा कि भले ही मेरे परिवार ने पूरी जिंदगी जेएमएम के लिए काम किया।लेकिन मुझे पार्टी ने धोखा दिया। मैं जमुआ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना चाहती थी। जहां से मेरे पिता-ससुराल वाले तीन बार विधायक रहे। लेकिन उनके बाद मेरे पति को उस सीट से टिकट नहीं दिया गया और अब मुझे भी उसी भाग्य से गुजरना पड़ा। यही कारण है कि मैं न्याय और समर्थन की उम्मीद में भाजपा में शामिल हुई।
जमुआ के राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव
जमुआ विधानसभा क्षेत्र की प्रभावशाली नेता गीता हाजरा ने सोमवार रात भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर क्षेत्र के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी। अपनी समृद्ध राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ गीता का यह कदम भाजपा के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है। उनके दिवंगत पति प्रदीप हाजरा और ससुर बलदेव हाजरा अपने समय के चर्चित और प्रभावशाली नेता रह चुके हैं। जिससे गीता की विरासत और भी मजबूत बनती है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की उपस्थिति में गीता का पार्टी में शामिल होना। आगामी चुनावों से पहले भाजपा के रणनीतिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
भाजपा को मिली नई ताकत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गीता हाजरा का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा सभी सीटों पर मजबूत है। नए लोगों के जुड़ने से संगठन और भी ताकतवर हो रहा है। मरांडी की यह टिप्पणी जमीनी स्तर पर भाजपा के बढ़ते समर्थन को दर्शाती है और चुनावी प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पार्टी की मजबूत योजना को रेखांकित करती है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी समारोह के दौरान भाजपा में महिलाओं को दिए जाने वाले सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा में महिलाओं को पूरा सम्मान दिया जाता है। गीता को भी पूरा सम्मान मिलेगा। यह बयान भाजपा की महिला सशक्तिकरण की नीति को उजागर करता है। साथ ही महिला नेतृत्व को पार्टी में आकर्षित करने की रणनीति को भी रेखांकित करता है।
जेएमएम से मोहभंग और भाजपा की ओर रुख
गीता हाजरा का भाजपा में शामिल होना झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वर्षों से JMM में सक्रिय भूमिका निभाने और जमुआ में अपने योगदान के बावजूद गीता को पार्टी के भीतर लगातार नजरअंदाज किया गया। गीता ने कहा कि मुझे कई बार टिकट का आश्वासन दिया गया। लेकिन हर बार मुझे दरकिनार कर दिया गया। यह उपेक्षा और अधूरे वादे उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने वाले प्रमुख कारण बने।
जमुआ में JMM के लिए चुनौती
गीता हाजरा की लोकप्रियता और जमुआ क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ JMM के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। उनके भाजपा में शामिल होने से जमुआ के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और JMM को अपने गढ़ में समर्थन बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
गीता हाजरा का भाजपा में शामिल होना गिरिडीह और विशेष रूप से जमुआ विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। यह कदम न केवल भाजपा के संगठन को मजबूत करता है। बल्कि JMM के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि पार्टी के भीतर असंतोष और उपेक्षा से नेता दूर हो सकते हैं।
आने वाले चुनावों में यह बदलाव जमुआ और पूरे झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य को नया मोड़ दे सकता है। भाजपा के लिए यह एक महत्वपूर्ण अधिग्रहण है। जो उसके बढ़ते प्रभाव और रणनीतिक विस्तार का संकेत देता है।












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