Dumri by-election: मुस्लिम मतदाता बनेंगे डिसाइडिंग फैक्टर, जानिए क्या कहते हैं सियासी समीकरण
Dumri by-election: झारखंड के डुमरी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुस्लिल मतदाता डिसाइडिंग फैक्टर के रूप में देखे जा रहे हैं। उपचुनाव में सीधी टक्कर झामुमो की (सत्ताधारी दल) बेबी देवी और यशोदा देवी (आजसू प्रत्याशी, एनडीए गठबंधन) से है, लेकिन इस बार सियासी समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे हैं।
डुमरी में हुए उपचुनाव में गठबंधन फैक्टर भी हावी है, वहीं ओवैसी की पार्टी (AIMIM) ने भी लोगों को संशय में डाल दिया। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि AIMIM प्रत्याशी, मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी कर सकता है। मुस्लिम वोट बैंक का ध्रुवीकरण नहीं हो, इसलिए झामुमो विधायक सह मंत्री हफीजुल हसन ने पूरी ताक़त झोंक दी थी।

जगरनाथ महतो चार बार से विधायक रहे, उनके अकास्मिक निधन के बाद पत्नी बेबी देवी के साथ मतदाताओं की सहानुभूति भी है, लेकिन चुनाव में कई फैक्टर को देखान होता है। डुमरी विधानसभा क्षेत्र में डुमरी, नावाडीह और चंद्रपुरा प्रखंड शामिल हैं। इस इलाके में क़रीब 40 हजार मुस्लिम मुस्लिम मतदाता है, जो कि मौजूदा वक्त में डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकते हैं।
जातीय आधार पर मतदाताओं की बात की जाए तो करीब 90 हज़ार कुर्मी मतदाता हैं, वहीं दूसरे नंबर वैश्य समुदाय के मतदाता आते हैं। वहीं तीसरे नंबर पर मुस्लिम मतदाताओं की गिनती होती है। चौथे नंबर पर SC और पांचवे नंबर पर आदिवासी मतदाताओं की गिनती होती है।
2019 के चुनावी तस्वीर पर नज़र डालें तो डुमरी विधानसभा सीट पर झामुमो प्रत्याशी जगरनाथ महतो ने 71 हजार 128 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। वहीं आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी 36 हज़ार 840 वोट हासिल कर दूसरे नंबर पर थी। 34 हज़ार 288 वोटों के फर्क से जगरनाथ महतो ने जीत दर्ज की थी।
भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार साहू को 36 हज़ार 13 वोट हासिल हुए थे। ओवैसी की पार्टी (AIMIM) प्रत्याशी अब्दुल मोबिन रिजवी को 24 हज़ार 132 वोट हासिल हुए थे। जदयू प्रत्याशी लालचंद महतो को 5 हज़ार 219 मत, और CPI प्रत्याशी गणेश प्रसाद महतो ने 2 हज़ार 891 वोट हासिल किए थे। वहीं NOTA में 2 हज़ार 90 वोट मिले थे। इन्हीं समीकरणों को देखते हुए मुस्लिम मतदाताओं पर विनिंग फैक्टर के क़यास लगा जा रहे हैं।












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