धनबादः बच्चों के साथ ज्यादती करने वाले पिता को नौकरी से निकाला, बेटी ने सुनाई खौफनाक कहानी

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के गोमो बाजार में बेटी और दो नाबालिगों के साथ हैवानियत करने वाले धनबाद रेल मंडल के टीटीआइ बीके पांडेय को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यह आदेश सीनियर डीसीएम सह डिसीप्लिनरी अथॉरिटी ने जारी किया है। रेलवे की तरफ से जारी किये गए आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि सीआइटी धनबाद के अधीन काम करने वाले टीटीआइ को बहुविवाह से जुड़े होने और अपने बच्चों से अमानवीय व्यवहार में संलिप्त पाया गया है। उनके बच्चों की स्थिति काफी चिंताजनक है।

dhandab tti suspend from his job after daughter complaint

वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए रिमूव फ्रॉम सर्विस का आदेश जारी किया गया है। आरोपित टीटीआइ की बेटी ने बताया कि मेरे पिता विनोद कुमार पांडेय धनबाद में टीटीआइ है। दहेज के लिए मेरी मां को जिला कर मार डाला। उसके बाद उन्होंने दूसरी शादी कर ली। मां के गुजरने के बाद पिता खाने-पीने और पढ़ने-लिखने के लिए पैसे नहीं देते हैं। साथ ही उसने बताया कि सौतेली मां के साथ जान मारने के इरादे से बेरहमी से पिटाई करते हैं। मुझे और मेरे दो छोटे भाई रोशन और रौनक को लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर कर दिया था।

आरोपित पिता की बेटी ने बताया कि उस वक्त हम सभी गोमो में रह रहे थे। एक महीने तक थाने में रहने के बाद जब नाना को खबर मिली तो वह 16 मई को बक्सर ले गए। फिर 22 मई को मेरे पिता एकाएक बक्सर पहुंच गए और नाना-नानी समेत परिवार के सदस्यों पर झूठा केस कर दिया। जब उन लोगों ने हमारा साथ नहीं छोड़ा तो केस कर 10वीं में पढ़ने वाले रोशन को फंसा कर जेल भिजवा दिया। वहां की पुलिस मेरे बूढ़े नाना को अक्सर परेशान करती है। पिता आए दिन कुछ लोगों को लेकर बालकनी में जबरदस्ती घुस आते हैं और जान मारने का प्रयास करते हैं।

साक्षी ने बताया कि उसने गोमो में उसके और उसके दोनों भाइयों के साथ हुई ज्यादती की शिकायत हरिहरपुर थाने में कई बार की थी। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से बस इतना ही जवाब मिला कि अगर तुम्हारा पिता तुम्हें अपनी बेटी नहीं मानता तो मेरे और कोर्ट के मानने से क्या होगा। जाओ, तुम लोगों की यही किस्मत है।

बक्सर में रहने के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से आहत साक्षी ने मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। उसने बताया है कि स्थानीय पुलिस पैसे लेकर बिना जांच किए परेशान कर रही है। देर रात आकर घर छोडऩे का दबाव डाल रही है। पुलिस को निष्पक्ष जांच करने और नाबालिग भाई को रिहा कराने का आदेश देने की फरियाद की है।

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