धनबाद जज संदिग्ध मौतः सुप्रीम कोर्ट ने CBI को हर हफ्ते जांच रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के एडीजे उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, हम जांच एजेंसी सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को हर हफ्ते झारखंड उच्च न्यायालय में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हैं और झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश निगरानी करेंगे। बता दें कि रविवार को सीबीआई की टीम ने रणधीर वर्मा चौक स्थित घटनास्थल पर एक बार फिर क्राइम सीन रिक्रिएट कर घटनाक्रम की बारीकियों को समझा। बीते शनिवार को भी सीबीआई की टीम ने सीन रिक्रिएट कर घटना को समझने की कोशिश की थी।
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सीबीआई ने रणधीर वर्मा चौक के पास ऑटो भी मंगाया और एडीजे आनंद की कदकाठी वाले युवक से जॉगिंग करवा घटना को समझा। हालांकि इस दौरान रणधीर वर्मा चौक की तरफ वाहनों की आवाजाही पर मनाही थी। इसके अलावा सीबीआई की टीम एडीजे उत्तम आनंद के हजारीबाद शिवपुर स्थित उनके आवास पर पहुंची और वहां उत्तम आनंद की पत्नी, पिता और भाई सहित परिवार के सभी सदस्यों से बात की।
बता दें कि बीते 28 जुलाई की सुबह जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को रणधीर वर्मा चौक के पास ऑटो ने धक्का मार दिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। वहीं मामले की जांच कर रहे सीबीआई स्पेशल क्राइम सेल के एसपी विजय कुमार शुक्ला ने शनिवार की सुबह एडीजे उत्तम आनंद को ऑटो से धक्का मारने के आरोपित लखन कुमार वर्मा और राहुल कुमार वर्मा को पूछताछ के लिए पांच दिनों के रिमांड पर लिया।
उन्होंने शुक्रवार को ही इसके लिए सीजेएम अर्जुन साव की अदालत में आवेदन दिया था। जांच टीम में बायोलॉजी, DNA प्रोफाइलिंग, फिंगर प्रिंट्स, फोरेंसिक साइकोलॉजी और सेरोलॉजी विंग के एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना की फटकार के कुछ दिनों बाद सीबीआई ने जजों के खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक कमेंट के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसकी जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।
सीबीआई और आईबी की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि पुलिस और सीबीआई न्यायाधीशों (जजों) की शिकायतों का कोई जवाब नहीं देती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसियां न्यायाधीशों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी मामलों में न्यायपालिका की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रही है। धनबाद के जज उत्तम आनंद मर्डर केस की जांच हाल ही में सीबीआई को सौंपी गई है।












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