क्या झारखंड में ऑल इज वेल ? CM हेमंत सोरेन की विधायकों संग बोटिंग, सियासी संकट के बीच 'थम्सअप' !
झारखंड में सत्ता परिवर्तन या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अयोग्यता की अटकलों के बीच कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। सीएम हेमंत सोरेन काफी रिलैक्स दिख रहे हैं। cm hemant soren jharkhand mla boating latratu dam khunti
रांची, 27 अगस्त : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायकों की कुछ अपडेटेड तस्वीरों को पढ़ने वालों का कहना है कि सीएम हेमंत को झारखंड सरकार सुरक्षित होने का एहसास हो गया है। ताजा तस्वीरों में हेमंत सोरेन विधायकों के साथ बोटिंग करते दिखे हैं। सियासी पंडित इन तस्वीरों को देखकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या सीएम हेमंत के विधायक / मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के संबंध में चुनाव आयोग की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है ? तस्वीरों के आधार पर कहा जा रहा है कि झारखंड के मुख्यमंत्री झारखंड के लतरातू डैम में बोटिंग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके विधायकों की कश्ती (बहुमत की संख्या) बैलेंस हो गई है। देर शाम UPA के विधायक सीएम हेमंत के आवास पर पहुंचे।

CM लतरातू डैम में बोटिंग
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शनिवार को खूंटी जिले में लतरातू डैम में बोटिंग करते देखा गया। खबरों के मुताबिक सीएम और सत्तारूढ़ खेमे के विधायक राज्य में राजनीतिक संकट की आशंका के बीच राजधानी रांची से बाहर खूंटी पहुंचे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग ने सीएम की अयोग्यता की सिफारिश की है। मामला खनन पट्टे से जुड़ा और विधायक के रूप में हेमंत के संदर्भ में लाभ के पद का बताया जा रहा है।

महिला विधायक भी साथ
पिछले कुछ घंटों में मीडिया के सामने आई तस्वीरों में सीएम हेमंत विधायकों के साथ सुकून से भरे मूड में दिखे हैं। लतरातू डैम में बोटिंग के समय सीएम के अलावा झारखंड की कई महिला विधायकों को भी देखा गया। विधायकों के साथ सीएम थंब्स अप का इशारा करते देखा गया।

राजनीतिक संकट टलने का संकेत
रिसॉर्ट की तस्वीरों में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और साथी विधायकों को मुस्कुराते देखा गया। रिलैक्स दिख रहे सीएम हेमंत रिसॉर्ट की बालकनी में अपने विधायकों के साथ बातचीत करते भी दिखे। सभी विधायकों के साथ अच्छे मूड में दिखे सीएम सोरेन का थम्स अप (विजय चिन्ह) दिखाना राजनीतिक संकट टलने का संकेत माना जा रहा है।

लतरातू डैम की तस्वीरों में CM हेमंत का अलग मूड
खबरों के मुताबिक रिजॉर्ट की एक तस्वीर में ऐसा भी लगा कि सीएम जल्द ही अपनी कुर्सी गंवा सकते हैं। विधायक पद खोने की आशंका के बीच सीएम चारों ओर की हरियाली को निहारते दिखे थे। कुछ ही देर के बाद लतरातू डैम की तस्वीरों में अलग मूड नजर आया।

सत्तारूढ़ खेमे के विधायक खूंटी जिले में
गौरतलब है कि झारखंड में सियासी संकट की आशंका की खबरों के बीच सोरेन सत्तारूढ़ खेमे के विधायकों को खूंटी जिले के एक गेस्ट हाउस में ले गए। खूंटी रांची से लगभग 32 किलोमीटर दूर है। बता दें कि सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के विधायक तीन बसों से खूंटी पहुंचे। बस में सवार विधायक और सीएम हेमंत सोरेन कैमरे को विक्ट्री मार्क (वी शेप में दो उंगलियां) दिखा रहे थे। बोटिंग के बाद देर शाम तमाम UPA विधायक राजधानी रांची में सीएम हेमंत के आवास पर पहुंचे।
CM हेमंत के आवास पर UPA विधायक, यहां देखें वीडियो--
CM आवास पहुंचे UPA विधायक
खूंटी जिले की लतरातू डैम में विधायकों के साथ फुर्सत के पल बिताने के बाद सीएम हेमंत सोरेन राजधानी रांची भी लौट आए। समाचार एजेंसी ANI की वीडियो में विधायकों को बस के साथ सीएम आवास में जाते देखा गया। किसी भी MLA ने मीडिया से बात नहीं की। बसों के पीछे का काफिला संभवत: सीएम हेमंत का रहा।

मंत्री सत्यानंद भोक्ता का बयान
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड सरकार में एक मंत्री ने बताया, सभी विधायक एक साथ हैं। राज्य सरकार पर मंडराते संकट के बीच विधायकों के बीच है। उन्होंने यह भी कहा कि कई चीजें एक साथ और जल्दी-जल्दी होने के बीच विधायकों को "अन्य स्थानों" पर ले जाने की योजना बनी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा, "सभी मंत्री और विधायक एक साथ हैं। हम अन्य जगहों पर भी जाएंगे, पता नहीं हम आगे कहां जाएंगे।" दिलचस्प है कि एक वीडियो में सोरेन अपने गठबंधन विधायकों और मंत्रियों के साथ लतरातू बांध के पास टहलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यहां देखें सीएम हेमंत सोरेन की वीडियो--
क्या है झारखंड का सियासी गणित
बता दें कि चुनाव आयोग ने 25 अगस्त को राज्यपाल रमेश बैस के पास अपनी राय भेजी। खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री को विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने की मांग की। इस बीच, राजभवन के सूत्रों ने कहा है कि राज्यपाल शनिवार शाम तक मुख्यमंत्री को एक विधायक के रूप में "अयोग्यता" पर चुनाव आयोग के विचारों पर विचार कर अंतिम फैसला ले सकते हैं। अयोग्यता आदेश आयोग को भेजा जा सकता है। बता दें कि 81 सदस्यों वाले झारखंड विधानसभा में हेमंत सोरेन का दल सबसे बड़ी पार्टी- झामुमो के 30 विधायक हैं। कांग्रेस के 18 और राजद के एक विधायक हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 26 विधायक हैं।












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