UP News: 'फर्जी मुकदमे में फर्जी सजा ...', कोर्ट रूम से बाहर आने के बाद धनंजय सिंह ने क्या कहा?
UP News: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बुधवार को चार साल पहले जौनपुर के लाइन बाजार थाने में अपहरण और अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे में सजा सुनाई गई। अदालत ने बुधवार को उन्हें सात साल की सजा सुनाई और पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह को मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी ठहराया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अदालत द्वारा धनंजय सिंह को सजा सुनाई गई। इस बीच, धनंजय सिंह ने खुद को निर्दोष बताया।

वहीं सजा सुनाए जाने के बाद अदालत के कमरे से बाहर निकलने के बाद, मीडिया से बात करते हुए धनंजय सिंह ने कहा कि उन्हें चुनाव न लड़ने देने के लिए यह साजिश हुई है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें फर्जी मामले में फर्जी सजा हुई है। वे इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में जाएंगे।
धनंजय सिंह पर दर्ज हैं 40 से अधिक मुकदमे
जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह के खिलाफ अलग-अलग मामलों से जुड़े करीब चालीस से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा करीब 19 मुकदमे उनके खिलाफ लखनऊ में दर्ज हैं।
धनंजय सिंह का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। दर्ज मुकदमे में 22 मामले ऐसे हैं जिनमें धनंजय सिंह को अदालत द्वारा दोष मुक्त कर दिया गया है। तीन मुकदमे शासन ने वापस ले लिए हैं, इसके अलावा कुछ मामले गलत पाए गए। कुछ अन्य मामलों में भी फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है।
यह पहला मामला है जिसमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दोषी करार दिया गया है। धनंजय सिंह के ऊपर यह मुकदमा 10 मई 2020 को दर्ज हुआ था। यह मामला नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल द्वारा दर्ज कराया गया था।
इस मामले में बुधवार को धनंजय सिंह को सजा सुनाई जाने की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में उनके समर्थक कोर्ट में पहुंचे थे। कोर्ट रूम से लेकर कोर्ट परिसर के बाहरी हिस्सों में भी काफी संख्या में लोग मौजूद रहे और धनंजय भईया जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।












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