मल्हनी सीट : अजीत सिंह की पत्नी का आरोप- धनंजय सिंह ने दाखिल किया झूठा शपथ पत्र, सपा ने भी लिखा EC को पत्र
जौनपुर, 18 फरवरी: समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर सातवें चरण में होने वाले चुनाव में जौनपुर जिले के मल्हनी विधानसभा क्षेत्र में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 136 अति संवेदनशील बूथों पर सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर चुनाव कराने की मांग की है। उधर, मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और गैंगवार में मारे गए अजीत सिंह की पत्नी रानू सिंह ने धनंजय सिंह के खिलाफ जौनपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा। अजीत सिंह की पत्नी ने मांग की है कि मल्हनी सीट से जेडीयू के प्रत्याशी धनंजय सिंह का नामांकन रद्द कर दिया जाए, क्योंकि उन्होंने झूठी जानकारी के साथ शपथ पत्र दाखिल किया है।

सपा ने 16 फरवरी को लिखा पत्र, लगाया ये आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने 16 फरवरी 2022 को मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को लेटर भेजा है। नरेश उत्तम ने आरोप लगाया है की मल्हनी विधानसभा जनपद जौनपुर के इन 136 अति संवेदनशील बूथों पर पिछले चुनाव में कुछ विशेष लोगों द्वारा बूथों पर कब्जा करके मतदाताओं को मतदान करने से रोका था। साथ ही यह सभी बूथ मल्हनी विधानसभा के उस इलाके में आते में है जहां गांव के गरीब, मजदूर, पिछड़ी जाति और अल्पसंख्यक वोटर अधिक संख्या है। नरेश उत्तम ने आयोग से मांग की है कि मतदान के दिन पैरामिलिट्री फोर्स और सीआरपीएफ की तैनाती के पहले इन सभी मतदान बूथों के अलावा जिले में सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ फ्लैग मार्च कराया जाए, जिससे मतदाताओं के अंदर भय समाप्त हो सके और मतदान के दिन स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव संपन्न हो सके।
सपा से लकी यादव और जदयू से माफिया धनंजय सिंह है मैदान में
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपने विधायक लकी यादव को दोबारा प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड के सिंबल पर माफिया धनंजय सिंह ने चुनावी मैदान में अपनी ताल ठोक दी है। 2 दिनों पहले नामांकन के बाद धनंजय सिंह ने समाजवादी पार्टी कि पिछली सरकार का जिक्र करते हुए कई सवाल खड़ा किए थे। बता दें, अजीत सिंह हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे धनंजय सिंह को नामांकन से 1 दिन पहले एसटीएफ ने जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए राहत दी थी। जिसके बाद धनजंय सिंह ने अपनी पत्नी श्रीकला रेडी सिंह और एमएलसी प्रिंशु सिंह के साथ नामांकन किया था।
पहली भी एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है धनजंय और लकी
2017 बीजेपी लहर में भी मल्हनी सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा था। उस समय चुनाव में सपा के प्रत्याशी पारस नाथ यादव ने धनजंय सिंह को शिकस्त दी थी। 2017 में पारस नाथ यादव को 69351 वोट मिले थे, जबकि निर्बल भारतीय शोषित हमारा आम दल से धनंजय सिंह को 48141 वोट मिले थे। यही नहीं विधायक पारस नाथ यादव के निधन के बाद 2020 में इस सीट पर उपचुनाव हुआ था जिसमे पारस नाथ यादव के बेटे लकी यादव को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था, इस चुनाव में लकी ने 4604 वोटों से धनजंय सिंह को हराया था। 2020 में उपचुनाव में लकी यादव को 73384 वोट मिले थे, जबकि निर्दल प्रत्याशी के रूप में धनजंय सिंह को 68780 वोट मिले थे।












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