खुलासा: जम्‍मू में आतंकी हमले करने वालों में पाक सेना के पूर्व व वर्तमान फौजी भी शामिल, भारत को मिले सबूत

Jammu terrorist attacks Reason: जम्‍मू में आतंकी हमले बढ़ रहे हैं। कई चौंकाने वाले खुलासे भी हो रहे हैं। पहला यह कि आतंकियों को स्‍थानीय मददगार सहज उपलब्‍ध हो रहे हैं और दूसरा खुलासा यह कि जम्‍मू में भारतीय सेना पर हमला करने वाले आतंकियों में पाकिस्‍तान सेना के पूर्व व वर्तमान सैनिक भी शामिल हैं।

दैनिक भास्‍कर में सैन्‍य सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि जम्‍मू रीजन के रियासी हमले में मारे गए आतंकियों से जो हथियार और सैटेलाइट फोन मिले थे, वो इस बात का सबूत है कि जम्‍मू में आतंकी हमले कर रहे नए आतंकियों में पाकिस्‍तान सेना के पूर्व व वर्तमान फौजी भी शामिल हैं।

Jammu terrorist attacks

साल 2024 में आए दिन हो रहे जम्‍मू आतंकी हमलों में पाकिस्‍तान सेना के शामिल होने का दूसरा सबूत यह भी है कि इन हमलों का तरीका पाकिस्‍तान सेना के पैरा टूपर डिवीजन जैसा है। सैटेलाइट फोन भी पूरी तहर से एंड टू एंड एनक्रेप्‍टेड हैं।

जम्‍मू के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य कहते हैं कि जम्‍मू कश्‍मीर से धारा 370 हटने के बाद से ही पाकिस्‍तान सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जम्‍मू संभाग को टारगेट करना शुरू कर दिया था। उसने दो साल में जम्‍मू में अपना 20 साल पुराना नेटवर्क फिर से एक्टिव किया। जम्‍मू के डोडा व कठुआ हमले में इस बात के सबूत मिले हैं कि आतंकियों को स्‍थानीय लोगों ने मदद पहुंचाई। पनाह दी। भोजन उपलब्‍ध करवाया।

मीडिया से बातचीत में कई रक्षा विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि साल 2020 तक जम्‍मू रीजन में काफी सुरक्षा बल तैनात था, लेकिन गलवान हिंसक झड़प के बाद चीन की आक्रामकता का जवाब देने के लिए जम्‍मू से भारतीय सेना को हटाकर लद्दाख भेज दिया गया था। जम्‍मू से सेना हटाने के भारत के कदम को आतंकियों ने मौके के रूप में लिया और आतंक का अपना अड्डा कश्‍मीर से जम्‍मू से शिफ्ट कर दिया।

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