J&K: उरी में आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम, 'गुफा' के अंदर मिले ग्रेनेड और कई पिस्टल

उरी सेक्टर में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां आतंकियों की एक गुफा से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

Pakistani Terrorists Cave in Uri Sector

Terrorists Cave in Uri Sector: सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक संयुक्त अभियान में आतंकियों की उरी से फिर से दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। उरी सेक्टर में कथित रुप से पाकिस्तानी आतंकियों ने एक गुफा बनाई थी। जिसमें रखे 8 एके सीरीज हथियार और बड़ी संख्या में पिस्टल के साथ ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।

उत्तरी कश्मीर के बारामूला में उरी के हथलंगा सेक्टर में सीमा से हथियारों और गोला-बारूद की भारी बरामदगी की गई। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के इस संयुक्त अभियान को लेकर एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी आतंकियों ने एक गुफा बनाकर उसमें एके सीरीज के 8 हथियार और 112 पिस्टल के साथ और ग्रेनेड छिपाकर रखे थे। सभी बरामद कर लिए गए हैं।

उरी सेक्टर में सेना व पुलिस की ये बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जिसमें कई विनाशक हथियार मिले हैं। इससे दो दिन पहले पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने हिजबुल के तीन उग्रवादियों पर कार्रवाई की थी। इन तीनों को गिरफ्तार किया गया था। जिनकी पहचान कुपवाड़ा जिले के क्रालपोरा के रहने वाले अब्दुल रौफ मलिक, अल्ताफ अहमद पेयर और रियाज अहमद लोन के रूप की गई।

गिरफ्तार तीनों उग्रवादियों के पास 1 एके-47 राइफल, 119 एके गोला-बारूद, 2 एके मैगजीन, 1 पिस्टल, 1 पिस्टल मैगजीन, 4 पिस्टल राउंड, 6 हैंड ग्रेनेड, 1 आईईडी, 2 डेटोनेटर, 2 वायर बंडल और लगभग 100 लीटर क्षमता का एक पानी का टैंक था। इसके अलावा तीनों के पास से अधिकारियों ने 64,000 रुपये भी बरामद किए।

हाल ही में एक बयान में सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू कश्मीर में आतंकियों की मौजूदगी की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में मौजूद हैं लेकिन अभियान की योजना बनाने के बावजूद हथियारों की कमी के कारण हमला नहीं कर पा रहे हैं।

वहीं रविवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जबरन वसूली के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये दोनों मध्य कश्मीर के श्रीनगर जिले में दुकानदारों से पैसा वसूलने के लिए आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रहे थे। मामले में आरोपियों की पहचना खुशीपोरा के मोहम्मद यूनुस जरगर और नाटीपोरा के मोहम्मद रफीक भट के रूप में हुई है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि आरोपी एक कोड का यूज करके उग्रवादी होने का ढोंग करके लोगों को डराते थे और दुकानदारों को फर्जी धमकी भरे पत्र जारी कर रहे थे। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना शेरगाड़ी में मामला दर्ज किया गया है।

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