Srinagar News: 'NCC ने हमेशा पूर्ण समर्पण के साथ समाज की सेवा की', राष्ट्रीय एकता शिविर में LG सिन्हा
श्रीनगर में शनिवार को विशेष राष्ट्रीय एकीकरण शिविर 2024 का आयोजन किया गया। इसमें भारत भर के 17 एनसीसी निदेशालयों से 250 एनसीसी कैडेट एक साथ एक छत के नीचे आए। यह शिविर 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल का हिस्सा है। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस शिविर में शिरकत करने पहुंचे।
यहां उपराज्यपाल ने शिविर में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिविर में आयोजित गतिविधियां वास्तव में विविधता में एकता की भावना का प्रतीक हैं। एनसीसी ने हमेशा अपने आदर्श वाक्य 'एकता और अनुशासन' के अनुरूप प्रतिबद्धता, दक्षता और पूर्ण समर्पण के साथ समाज की सेवा की है और राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया है। यह विशेष शिविर 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को बढ़ावा देता है।

एक दिन पहले मेजर जनरल राकेश ने लिया था जायजा
बता दें कि बीते दिन यानी शुक्रवार को एनसीसी निदेशालय जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल राकेश सचदेवा ने तैयारियों का जायजा लिया था। मेजर जनरल राजेश कुमार सचदेवा का आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिसमें ब्रिगेडियर दीपक सज्जनहार, एसएम ग्रुप कमांडर, एनसीसी ग्रुप श्रीनगर के नेतृत्व में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी शामिल था।
क्या है विशेष एकीकरण शिविर ?
विशेष एकीकरण शिविर (Special National Integration Camp) एक विशेष प्रकार का प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम है, जो राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस शिविर का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से आए युवाओं के बीच आपसी समझ, भाईचारा, और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। आइए कुछ प्रमुख बिंदुओं में समझें...
- राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा: शिविर में भाग लेने वाले कैडेट विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से आते हैं, जिससे वे एक-दूसरे की भाषाओं, संस्कृतियों, और परंपराओं के बारे में जान सकते हैं। इससे देश की विविधता में एकता का अनुभव होता है।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: शिविर के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें कैडेट अपने-अपने राज्यों की परंपराओं, नृत्य, संगीत, और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रदर्शन करते हैं।
- नेतृत्व विकास: शिविर में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से कैडेटों में नेतृत्व के गुणों को विकसित किया जाता है। यह उनके आत्म-विश्वास को बढ़ाने और आत्म-अनुशासन को प्रोत्साहित करने में मदद करता है।
- सामाजिक और शारीरिक प्रशिक्षण: शिविर में कैडेटों को शारीरिक प्रशिक्षण, खेल, और साहसिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है। इससे उनकी शारीरिक फिटनेस और टीम वर्क की भावना को बढ़ावा मिलता है।
- राष्ट्र सेवा के आदर्श: शिविर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवा नागरिकों में राष्ट्र सेवा और आत्म-सेवा के आदर्शों को बढ़ावा देना है। इससे कैडेटों में देशभक्ति की भावना प्रबल होती है।












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