युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार सेक्टर कमांडर लेवल की मीटिंग, BSF ने ड्रोन गतिविधियों पर जताया विरोध
जम्मू-कश्मीर, जुलाई 24: जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में सुचेतगढ़ अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच सेक्टर कमांडर स्तर की मीटिंग हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद यह पहली बैठक थी। बीएसएफ की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं इससे पहले सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार (21 जुलाई) को बॉर्डर के कई जगहों पर ईद-उल-अजहा के मौके पर एक दूसरे को मिठाइयां भेंट की थी। हालांकि ऐसा साल 2019 के बाद पहली बार हुआ है, जब दोनों देशों की सेना ने आपस में मिठाइयां बांटकर त्योहार की खुशियां मनाई हो। वहीं अब शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर एग्रीमेंट के बाद पहली बार कमांडर स्तर की बैठक हुई।
इस मीटिंग के दौरान बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पार से पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और आतंकी गतिविधियों, पाकिस्तान द्वारा सुरंगों की खुदाई और बॉर्डर मैनजमेंट के कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। जम्मू में पाक अधिकारियों द्वारा ड्रोन गतिविधियों को लेकर बीएसएफ प्रतिनिधियों की ओर से कड़ा विरोध भी दर्ज कराया गया।
बता दें कि बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सुरजीत सिंह और पाकिस्तान रेंजर्स के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सियालकोट सेक्टर के सेक्टर कमांडर पाकिस्तान रेंजर्स ब्रिगेडियर मुराद हुसैन ने किया।
पाक की नापाक हरकत लगातार जारी
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हालांकि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम समझौते और आतंकी गतिविधियों पर पॉजिटिव जवाब मिला है, लेकिन पड़ोसी मुल्क अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा हैं। घाटी में लगातार दूसरी ओर से आंतकी हमले को अंजाम देने की फिराक में घुस रहे है, जिनको सेना के जवान मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।












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