आदिल की कुर्बानी को सलाम...आतंकियों से भिड़ गया 'हीरो टट्टूवाला', सैलानियों को बचाते हुए दी जान

Syed Hussain Shah: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में जहां 28 निर्दोष पर्यटक मारे गए। वहीं, एक स्थानीय टट्टूवाले सैयद आदिल हुसैन शाह (Syed Hussain Shah) ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी की मिसाल पेश की।

28 वर्षीय आदिल शाह, जो पर्यटकों को घोड़े पर बिठाकर घूमाने लेकर जाते थे, ने उस वक्त मानवता और साहस का परिचय दिया, जब चारों ओर से आतंकवादी गोलियों की बौछार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि आतंकवादियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई।

Syed Hussain Shah

पर्यटकों को घास मैदान तक ले जाता था आदिल

बता दें कि आतंकियों से लोहा लेने वाला आदिल हुसैन शाह पर्यटकों को घोड़े पर घुमाते थे। सैयद आदिल हुसैन शाह पर्यटकों को कार पार्किंग से बैसारन यानी घास का मैदान तक ले जाते थे। इस दौरान वह घोड़े के साथ पैदल-पैदल जाते थे। आदिल हुसैन अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य भी थे। उनके परिवार में उनके बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चे हैं।

शहीद हो गए आदिल शाह

इस दौरान टट्टूवाले सैयद आदिल हुसैन शाह ने एक पर्यटक को बचाने के प्रयास में आतंकियों से भिड़ने की हिम्मत दिखाई और एक की राइफल छीनने की कोशिश की। यह संघर्ष आदिल की आखिरी जंग बन गई। आतंकवादियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार में थे अकेले कमाने वाले

लेकिन जिस साहस के साथ उन्होंने आम लोगों की जान बचाने की कोशिश की, वह आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। आदिल अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी और छोटे बच्चे हैं। अब यह परिवार टूट गया है, लेकिन पूरे देश को आदिल पर गर्व है।

पिता ने की न्याय की मांग

आदिल के पिता सैयद हैदर शाह ने ANI से बात करते हुए कहा, 'मेरा बेटा रोज़ की तरह काम पर गया था। दोपहर को खबर आई तो हम घबरा गए। उसका फोन बंद था। बाद में पता चला कि वो इस हमले में मारा गया। जिसने भी ये किया है, उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए।'

बहादुरी की कहानी बन गई पहचान

स्थानीय लोग आदिल को एक नेक और मददगार इंसान के तौर पर याद करते हैं। उनकी बहादुरी ने उन्हें 'पहल्गाम का हीरो' बना दिया है। अब लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि आदिल शाह को मरणोपरांत सम्मानित किया जाए और उनके परिवार को सहायता दी जाए।

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