जम्मू-कश्मीर में 'मिशन यूथ प्रोग्राम' की शुरुआत, LG बोले- रोजगार का मतलब सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटे आज चार साल हो गए। इस मौके पर वहां के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मिशन यूथ प्रोग्राम शुरू किया। जिसका मकसद घाटी के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देना है, ताकि वो गलत रास्ते पर ना जाएं।
एलजी ने SKICC श्रीनगर में मिशन यूथ प्रोग्राम की शुरुआत की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत 2000 आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्त हुई। साथ ही 2800 से ज्यादा दिव्यांगों को स्कूटी उपलब्ध करवाई गई।

उन्होंने कहा कि मिशन यूथ प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए है। इसका मकसद युवाओं को रोजगार देना है। रोजगार का अर्थ सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि नौजवान कैसे सेल्फ एंप्लॉयमेंट की ओर जा सकता है, उस पर काम हो रहा।
सिन्हा के मुताबिक इस योजना के तहत बहुत से युवाओं को रोजगार मिला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में भी कुछ भर्तियां हुई हैं। इसका एग्जाम सेबी ने लिया था। भविष्य में यहां से काफी ज्यादा भर्तियां होंगी।
वहीं कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए एलजी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलगाववाद और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने वाली भेदभावपूर्ण व्यवस्था को खत्म कर दिया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के गौरवशाली भविष्य के लिए नए संकल्पों की शुरुआत की। मैं इस पहल को उन लोगों को समर्पित करता हूं, जो भ्रष्टाचार मुक्त, भय मुक्त और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वहीं अनुच्छेद 370 हटने के चार साल पूरे होने पर घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पीडीपी ने इसको लेकर श्रीनगर में सेमिनार करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने उसकी इजाजत नहीं दी। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर जश्न मनाया। साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने के लिए पीएम मोदी की तारीफ की।












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