Kishtwar Encounter: ढेर हुआ JeM कमांडर समेत 2 आतंकी, ऑपरेशन Trashi-I में सेना की कामयाबी, क्या है ये अभियान
Kishtwar Encounter Trashi-I: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत की गई। पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
इनपुट था कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकी चटरू इलाके के पासेरकुट क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सुबह करीब 10.30 बजे जैसे ही जवानों ने घेरा कसना शुरू किया, मुठभेड़ भड़क उठी।

मकान से चली गोलियां, जवाब में हुआ एनकाउंटर (Kishtwar Encounter, Jaish-e-Mohammed)
अधिकारियों के मुताबिक आतंकी पहाड़ियों की तलहटी में बने एक कच्चे मकान में छिपे थे। सुरक्षाबल जैसे ही नजदीक पहुंचे, अंदर से फायरिंग शुरू हो गई। इसके बाद दोनों तरफ से तीखी गोलीबारी हुई। आखिरकार दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।
मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान सैफुल्लाह के रूप में हुई है। मुठभेड़ स्थल से दो AK-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। चटरू का जंगल इलाका पिछले महीने भी हिंसक घटनाओं का गवाह रहा था, जहां करीब छह बार मुठभेड़ हुई थीं। उन झड़पों में एक सैनिक और एक आतंकी मारा गया था।
'ऑपरेशन त्राशी-I' क्या है? (what is Operation Trashi-I)
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से चलाया जा रहा यह एक बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान है। जनवरी 2026 में शुरू हुए इस ऑपरेशन का मकसद पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्रों में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ढूंढकर खत्म करना है।
ऑपरेशन त्राशी-I की अहम बातें
• पृष्ठभूमि: 19 जनवरी 2026 को सिंहपुरा में हुई मुठभेड़ में एक स्पेशल फोर्स के जवान के शहीद होने के बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया।
• मुख्य लक्ष्य: जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय नेटवर्क को ध्वस्त करना और इलाके में छिपे आतंकियों को बाहर निकालना।
• रणनीति: पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आतंकियों को भागने का मौका न मिले।
• चुनौतियां: घना जंगल, ऊंची पहाड़ियां और खराब मौसम ऑपरेशन को जटिल बना रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अभियान लगातार जारी है।
Kathua में भी ढेर हुआ पाकिस्तानी आतंकी (Kathua Operation, Billawar)
पिछले महीने कठुआ जिले में भी सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया था। बिलावर क्षेत्र में मिली खास खुफिया सूचना के बाद सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इलाके को सील किया था।
जम्मू के आईजीपी बी एस टूटी ने बताया था कि मारा गया आतंकी उस्मान था और वह भी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। संपर्क स्थापित होने के बाद उसे लक्षित कार्रवाई में ढेर कर दिया गया।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के मिशन में जुटी हैं। किश्तवाड़ से कठुआ तक चल रहे ऑपरेशन यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान तेज रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications