Kishtwar Chunav 2024: किश्तवाड़ में वोटर कार्ड को लेकर बवाल, वोटिंग अटकी! DM ने संभाला मोर्चा
JK Kishtwar Chunav Voting: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ विधानसभा सीट पर 2024 के चुनाव में माहौल अचानक गरमा गया, जब मतदान के दौरान बीजेपी उम्मीदवार शगुन परिहार और पीडीपी उम्मीदवार फिरदौस टॉक के बीच तीखी बहस हो गई। यह बहस उस वक्त शुरू हुई, जब शगुन परिहार ने एक वोटर का वोटिंग आई कार्ड चेक किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
दावा किया जा रहा है कि इस तनावपूर्ण स्थिति में फिरदौस टॉक को थप्पड़ भी मारा गया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए और मतदान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। मतदान के दौरान हुए तनावपूर्ण माहौल और तीखी बहस ने इस सीट को और भी चर्चित बना दिया है। डीएम ने संभाला मोर्चा....

अधिकारियों का हस्तक्षेप
घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की गई। किश्तवाड़ सीट पर इस तरह की गहमागर्मी ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को काबू में करने का प्रयास जारी रखा।
किश्तवाड़ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
- जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC): कांग्रेस के साथ गठबंधन कर दो बार के विधायक सज्जाद अहमद किचलू को उतारा है।
- जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP): फिरदौस टॉक को मैदान में उतारा है।
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): शगुन परिहार, जो आतंकी हमले में मारे गए भाजपा नेता अनिल परिहार की भतीजी हैं, को टिकट दिया है।
1 बजे तक 56.86 फीसदी मतदान
सुबह 11 बजे तक किश्तवाड़ सीट पर 32.69 प्रतिशत मतदान हो चुका था। हालांकि, बागवान मोहल्ला के एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की पहचान को लेकर हुए विरोध के बाद मतदान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इसके बाद प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रही है। वहीं, दोपहर 1 बजे तक 56.86 फीसदी मतदान हुए हैं।
2014 का चुनावी इतिहास
2014 में किश्तवाड़ सीट पर पहली बार बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। उस समय सुनील शर्मा ने सज्जाद अहमद किचलू को 4.63% वोटों के अंतर से हराया था। इससे पहले इस सीट पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का दबदबा था, लेकिन 2014 में बीजेपी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहला चुनाव
यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पहली बार हो रहा है, जिससे इसकी राजनीतिक और रणनीतिक महत्वता और भी बढ़ जाती है। पहले चरण में 24 सीटों पर मतदान हो रहा है, जो सात जिलों में फैली हैं। यह चुनाव जम्मू-कश्मीर के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, और इस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।












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