महबूबा मुफ्ती ने फिर दोहराई आर्टिकल 370 वापसी की मांग, कहा- बिना बंदूक और पत्थर के संघर्ष करें युवा
श्रीनगर, दिसंबर 19। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 की वापसी की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। रविवार को महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब से केंद्र ने आर्टिकल 370 को निरस्त किया है, तब से यहां स्थिति बहुत खराब हो गई है। ऐसे में स्थानीय लोगों को अपने उन अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए, जो उनसे छीन लिए गए हैं।

'कश्मीरियों को अपने अधिकार के लिए खड़ा होना होगा'
रविवार को पुंछ जिले में एक पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर कश्मीर को जिंदा रखना है तो उसका सिर्फ एक ही रास्ता है और वो है कश्मीरियों को अपने अधिकार के लिए दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा होना होगा और अगर ऐसा नहीं किया तो केंद्र उनसे सबकुछ लूट लेगा।
'केंद्र ने कश्मीरियों की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया है'
महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 को निरस्त करने वाले फैसले को लेकर कहा कि वो फैसला सरासर गलत और असंवैधानिक था। सरकार ने स्थानीय लोगों की गरिमा और सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है। इस दौरान महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की केंद्र की मंशा पर भी संदेह जताया।
'बिना बंदूक और पत्थर के संघर्ष करें युवा'
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने महबूबा मुफ्ती के हवाले से लिखा है, "कश्मीर में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं की है, क्योंकि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया तो स्थिति और खराब हो जाएगी, केंद्र न केवल हमारी जमीन और नौकरियां छीन रही है, बल्कि हमारे सम्मान और सम्मान के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।" महबूबा मुफ्ती ने स्थानीय युवाओं से शांतिपूर्ण संघर्ष करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये संघर्ष बिना बंदूक और बिना पत्थर के होना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications