'गैर कश्मीरियों को सेना-पुलिस के शिविर में शिफ्ट की खबर फेक है: पुलिस
श्रीनगर,17 अक्टूबर: कश्मीर घाटी में गैर स्थानीय मजदूरों की हत्याओं का सिलसिला जारी है, जहां रविवार को बिहार के दो निवासियों की हत्या कर दी गई। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की। जिसमें साफ कहा गया कि सभी पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में रहने वाले गैर स्थानीय मजदूरों को तुरंत नजदीकी सेना/सीएपीएफ या पुलिस शिविर में शिफ्ट करें। एक अनुमान के मुताबिक घाटी में अभी 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर रह रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक पुलिस महानिरीक्षक ने कश्मीर के सभी हिस्सों के लिए ये एडवाइजरी जारी की है। जिसमें लिखा गया कि आपके संबंधित अधिकार क्षेत्र के सभी गैर-स्थानीय मजदूरों को अभी निकटतम पुलिस/सीएपीएफ/सेना प्रतिष्ठानों/शिविरों में लाया जाए। वहां पर उनके लिए उपयुक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 15 दिनों में आतंकियों ने 11 नागरिकों की हत्या की है। जिसके बाद से घाटी में दहशत का माहौल है।
वहीं दूसरी ओर पिछले 10 दिनों में सुरक्षाबलों ने ऐसे 9 अभियानों में 13 आतंकवादियों को मार गिराया है। पुलिस ने दावा किया है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में 4 नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार 4 आतंकी इन मुठभेड़ों में मारे गए। इस बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के विशेष निदेशक तपन डेका शनिवार को श्रीनगर पहुंचे। उन्हें गृह मंत्रालय ने जमीनी हकीकत जानने के लिए भेजा है।
रविवार को क्या हुआ?
रविवार शाम कुलगाम के वानपोह में अज्ञात बंदूकधारियों ने गैर स्थानीय मजदूरों के घर में घुसकर उन पर फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में 3 गैर-स्थानीय लोगों को गोली लगी। उनमें से 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1 मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान राजा रेशी देव, जोगिंदर रेशी देव के तौर पर हुई। वहीं घायल का नाम चुनचुन रेशी देव है। सभी बिहार के रहने वाले हैं।












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