बारिश, कम विजिबिलिटी...खराब मौसम का फायदा उठाकर पुंछ में आतंकियों ने ऐसे किया सेना के जवानों पर हमला
Poonch terror attack: जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में सेना के जवान के काफिले पर हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए हैं।

Poonch terror attack: जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए। ये पांचों जवान सेना के राष्ट्रीय राइफल्स थे, जिसमें से 4 पंजाब के जबकि एक ओडिशा के रहने वाले थे। आतंकवादियों ने सेना के ट्रक पर गुरुवार (20 अप्रैल) दोपहर करीब 3 बजे गोलियों और ग्रेनेड (हथगोले) से घात लगाकर हमला किया।
रिपोर्ट के मुताबिक बेमौसम बारिश और कम विजिबिलिटी की वजह से आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था।बताया जा रहा है कि जो ट्रक सैनिकों को लेकर जा रही थी वो उस सैनिकों को ले जाने वाले एक बड़े काफिले का हिस्सा नहीं था। वो सैनिक 'रोड ओपनिंग ड्यूटी से लौट रहा थे।
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने मारे गए सैनिकों की पहचान लांस नायक देबाशीष बसवाल (उड़ीसा), लांस नायक कुलवंत सिंह (पंजाब), सिपाही हरकिशन सिंह (पंजाब), सिपाही सेवक सिंह (पंजाब) और हवलदार मनदीप सिंह (पंजाब) के रूप में की है।
इस हादसे में घायल सैनिक को भाटा धूरियन से 42 किलोमीटर दक्षिण में राजौरी शहर के सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सुरक्षा बल नियंत्रण रेखा के करीब इलाके में तलाशी अभियान चलाई जा रही है। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी पूरे मामले की जांच करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का शक है।

नॉर्दन कमांड हेडक्वार्टर्स ने एक बयान में कहा है कि आतंकवादियों ने भारी बारिश और कम विजिबिलिटी का फायदा उठाते हुए भीमबेर गली से पुंछ जिले के सांगियोत जा रहे ट्रक पर घात लगाकर हमला किया और गाड़ी पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया। भारतीय सेना की गाड़ी में आग लग गई। घटना दोपहर करीब 3 बजे की है।
इस गाड़ी में जवान राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के थे। जिनकी तैनाती इलाके में आतंकवाद रोधी अभियान के चलते की गई थी। अगर मौसम इतना खराब ना होता तो आतंकियों को हमले को अंजाम देने का इतना वक्त ना मिलता।
सूत्रों ने कहा कि आतंकवादियों ने ग्रेनेड के साथ ट्रक को रोका और फिर उसके फ्लू टैंक को निशाना बनाया, जिससे भीषण आग लग गई। सूत्रों ने कहा कि इस तरह के हमले पहले भी देखे गए, जहां आतंकवादियों ने सुनसान सड़कों पर सेना और अर्धसैनिक वाहनों को निशाना बनाया।

स्थानीय निवासियों ने क्या कहा?
स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्होंने दोपहर में एक अचानक विस्फोट सुना और सड़क पर सेना के एक जलते हुए वाहन को देखा। शुरू में लगा कि बिजली की चपेट में आने से आग लगी होगी। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की। पुलिस की टीमें भी आनन-फानन में पहुंच गईं।
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हमले के बारे में जानकारी दी। ये आतंकी हमला 14 फरवरी 2019 के पुलवामा हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में एक सुरक्षा काफिले पर सबसे घातक हमला था।
2019 के पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव से पहले 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर भारत के एयर स्ट्राइक के बाद पुलवामा हमला हुआ था।
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