आतंकियों की मदद के आरोप में जम्मू कश्मीर के 3 कर्मचारियों को सरकार ने किया नौकरी से बाहर
जम्मू कश्मीर सरकार ने तीन कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार ये तीनों कर्मचारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन के के लिए काम कर रहे थे और ये आतंकियों को मदद मुहैया करा रहे थे।
सूत्रों के अनुसार ये तीनों ही कर्मचारी आतंकियों को अपनी विचारधारा घाटी में फैलाने में मदद कर रहे थे, आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा इकट्ठा करने में मदद कर रहे थे ताकि घाटी में आतंकी अपने अलगावादी एजेंडे को आगे ना बढ़ा पाए।

जानकारी के अुसार यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के पब्लिक रिलेशंस अधिकारी फहीम असलम, राजस्व विभाग में कार्यरत मुरवत हुसैन मीर और पुलिस कॉन्स्टेबल अरशद अहमद ठोकर को नौकरी से बाहर किया गया है। इन लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई होगी।
बता दें कि पिछले हफ्ते 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों को प्रतिबंधित संगठनों को फिर से सक्रिय करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया या था। ये लोग एक होटल में बैठक कर रहे थे, बैठक में कई अलगाववादी नेता भी शामिल थे। जिसके बाद पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
बैठक में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और हुर्रियत जैसे प्रतिबंधित संगठनों को फिर से जिंदा करने की साजिश रची जा रही थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे। ये लोग अलगाववादियों के एजेंडे को फैलाने की साजिश रच रहे थे।
शुरुआती जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इन तीनों कर्मचारियों का आईएसआई के साथ काफी समय से संबंध है इन लोगों के आतंकी संगठनों से थे।
ये कर्मचारी अलग-अलग इलाकों में आतंकियों की मदद कर रहे थे। इनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद इन के कार्रवाई की घई है। माना जा रहा है कि सरकार इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है।
बता दें कि घाटी में धारा 370 को हटाए जाने के बाद आतंकी संगठनों को बड़ा झटका लगा है। यही वजह है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन लगातार यहां आतंकी साजिश रचने की कोशिश कर रहे है।












Click it and Unblock the Notifications