जम्मू-कश्मीर में चुनाव से पहले BJP में बगावत! चंद्रमोहन शर्मा के बाद कश्मीरा सिंह ने भी दिया इस्तीफा
Jammu Kashmir Elections 2024: जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी के कई नेता नाराज हैं। सांबा के बीजेपी जिला अध्यक्ष कश्मीरा सिंह उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें टिकट नहीं मिला। वहीं, अब कश्मीरा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
सांबा में मीडिया से बातचीत करते हुए कश्मीरा सिंह ने अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना पर पार्टी में शेख अब्दुल्ला की विचारधारा को शामिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया, जिसे वह और उनके अन्य पुराने कार्यकर्ता स्वीकार नहीं कर सकते।

कश्मीरा सिंह ने कहा, "मेरे जैसे कार्यकर्ताओं ने अपने खून-पसीने से पार्टी को सींचा है।" कश्मीरा सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) से हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सुरजीत सिंह सलाथिया को उम्मीदवार बना दिया गया। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जब तक सलाथिया का टिकट रद्द नहीं किया जाता, तब तक वे पार्टी में वापस नहीं आएंगे।
सिंह ने बताया कि जब राज्य में भाजपा के कोई विधायक या सांसद नहीं थे, तो उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं ने ही पार्टी को खड़ा किया था। उन्होंने भाजपा के प्रति अपने दशकों पुराने समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मैंने 40-42 साल तक निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा की।"
उन्होंने कहा कि 30 साल बाद सांबा विधानसभा क्षेत्र सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ओपन किया गया है। इसलिए उनका मानना है कि टिकट किसी स्थानीय कार्यकर्ता को मिलना चाहिए था। सिंह के मुताबिक, सांबा में 1996 से लगातार बाहरी लोगों को टिकट दिया जा रहा है। 1996 में बाबू परमानंद को टिकट मिला था।
2008 में सतवंत कौर चुनाव लड़ीं लेकिन हार गईं और 2014 में स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से इस्तीफा देने के बाद डॉ. देवेंद्र कुमार मन्याल को टिकट दिया गया। अब 2024 में एनसी से सुरजीत सिंह सलाथिया को चुना गया है। सिंह ने तर्क दिया कि शेख अब्दुल्ला की पार्टी से जुड़े लोगों को टिकट देना यह दर्शाता है कि मौजूदा बीजेपी नेतृत्व मेहनती सदस्यों की कद्र नहीं करता।
सिंह ने भाजपा की वर्तमान स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "इस माहौल में कोई पार्टी में नहीं रह सकता।" इससे पहले एडवोकेट चंद्रमोहन शर्मा ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आजाद पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इस्तीफे के बाद शर्मा ने कहा कि वह लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हुए हैं और जनसंघ में भी रहे और जेल भी गए।
इतना ही नहीं, चंद्रमोहन शर्मा ने कहा कि बीजेपी ने जिन लोगों को टिकट दिया है वह सोच समझ कर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर बीजेपी इकाई ने सही उम्मीदवारों की लिस्ट दिल्ली नहीं भेजी। कहा कि वह आजाद उम्मीदवार के तौर पर अब चुनाव लड़ेंगे।












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