J-K Chunav Results: जम्मू कश्मीर में वो मुस्लिम कैंडिडेट्स, जिनकी जमानत जब्त, 1 को सिर्फ 479 वोट
हरियाणा ही नहीं इस बार जम्मू कश्मीर में भी चुनाव परिणामों से पहले एजेंसियों के सर्वे फेल हो गए। यहां कांग्रेस- नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन की सरकार तो बनती दिख रही है, लेकिन बीजेपी भी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका में है। अब तक के रुझानों और परिणामों की बात करें तो कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन को 49 सीटों पर बढ़त मिल रही है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी दूसरे नंबर पर रही।
रूझानों के मुताबिक कांग्रेस एनसी गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार तो कर गया है कि लेकिन बीजेपी और अन्य दल एक मजबूत भूमिका की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। रूझान जैसे- जैसे अपडेट हो रहे हैं, कुछ दिलचस्प आंकड़े सामने आ रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, भाजपा के अलावा कई ऐसे दल हैं, जिसने मुस्लिम प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो रही है। आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, सपा और बसपा ने भी यहां अपने कैंडिडेट मैदान में उतारे थे, लेकिन इन दलों में से किसी भी दल के प्रत्याशियों को जीत हासिल होना तो दूर जमानत भी जब्त होने की नौबत है।
हरियाणा ही नहीं इस बार जम्मू कश्मीर में भी चुनाव परिणामों से पहले एजेंसियों के सर्वे फेल हो गए। यहां कांग्रेस- नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन की सरकार तो बनती दिख रही है, लेकिन बीजेपी भी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका में है। अब तक के रुझानों और परिणामों की बात करें तो कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन को 49 सीटों पर बढ़त मिल रही है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी 29 सीटों पर आगे है। रूझानों के मुताबिक कांग्रेस एनसी गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार तो कर गया है कि लेकिन बीजेपी और अन्य दल एक मजबूत भूमिका की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। रूझान जैसे- जैसे अपडेट हो रहे हैं, कुछ दिलचस्प आंकड़े सामने आ रहे हैं।
जम्मू कश्मीर में कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, भाजपा के अलावा कई ऐसे दल हैं, जिसने मुस्लिम प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो रही है। आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, सपा और बसपा ने भी यहां अपने कैंडिडेट मैदान में उतारे थे, लेकिन इन दलों में से किसी भी दल के प्रत्याशियों को जीत हासिल होना तो दूर जमानत भी जब्त होने की नौबत है।
भाजपा, सपा और बसपा समेत कई दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। यही नहीं सपा और बसपा के स्टार प्रचार भी यहां अभियान में नहीं दिखे।
सबसे खराब हालत सपा की रही। यहां समाजवादी पार्टी ने जिन 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था उसमें से हजरतबल सीट से शाहिद हसन 342 वोट पाकर 18548 वोट से हारे हैं, बडगाम सीट से घाजनफर मक़बूल शाह 256 वोट पाकर 35754 वोट से हारे। बीरवाह सीट से निसार अहमद दार 364 वोट पाकर 19751 वोट से हारे। जबकि हबक्डल से मुहम्मद फारूक खान 100 वोट, ईदगाह से मेहराज उद्दीन 110 वोट, बारामुला सीट से मंजूर अहमद 604 मिले।
चुनाव आयोग की ओर जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कई मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट दिया था। हालांकि, बीजेपी के एक भी मुस्लिम उम्मीदर को जीत नसीब नहीं हुई है। सभी मुस्लिम उम्मीदवारों का प्रदर्शन खराब रहा।
इन बीजेपी कैंडिडेट्स की जमानत जब्त
राजपोरा
अर्शीद भट्ट यहां तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें कुल 5584 वोट मिले हैं। यहां एनसी के गुलाम मोही ने जीत दर्ज की है।
पाम्पोर
बीजेपी ने सैयद शौकत गयूर अंद्राबी को टिकट दिया था। वो बुरी तरह हार गए हैं। शौकत आठवें नंबर पर रहे। उन्हें सिर्फ 957 वोट ही मिले।












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