Jammu Kashmir Chunav: '50 साल बाद भी..', इंजीनियर राशिद का राहुल गांधी को खुला ऑफर, क्या मानेगी कांग्रेस?

Jammu Kashmir Chunav 2024: टेरर फंडिंग के आरोपी शेख अब्दुल राशिद उर्फ राशिद इंजीनियर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समर्थन का खुला ऑफर दिया है। एक इंटरव्यू में बारामूला से निर्दलीय सांसद ने जम्मू कश्मीर में हो रहे विधानभा चुनाव और उसके बाद की परिस्थितियों पर खुलकर बात की है और दावा किया है कि जिसके पास कश्मीर के लिए कोई रोडमैप है, उनमें से वे किसी के साथ भी हाथ मिला सकते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में राशिद इंजीनियर ने जम्मू-कश्मीर में की राजनीति पर स्पष्ट तौर पर अपनी बातें सामने रखी हैं। इंजीनियर राशिद अभी चुनाव प्रचार के लिए तिहाड़ जेल से रिहा होकर अपनी आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) के प्रत्याशियों के प्रचार में जुटे हुए हैं।

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इंजीनियर राशिद की वजह से कश्मीर घाटी में बदला चुनावी समीकरण
बारामूला के निर्दलीय सांसद इस चुनाव में इस वजह से ज्यादा चर्चा में हैं, क्योंकि वे नेशनल कांफ्रेंस के दिग्गज उमर अब्दुल्ला को करारी शिकस्त देकर लोकसभा पहुंचे हैं और इसके कारण ही से वे लगातार अब्दुल्ला के निशाने पर रह रहे हैं।

दिल्ली की एक अदालत ने राशिद को चुनाव प्रचार के लिए 2 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत दी है, लेकिन जबसे वह घाटी पहुंचे हैं यहां के चुनावी समीकरण में भारी बदलाव देखा जा रहा है।

इंजीनियर राशिद की पार्टी को 'वोट कटवा' कह रही है एनसी,पीडीपी
इस चुनाव में इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने निर्दलीय के तौर पर 34 उम्मीदवार उतारे हैं। इनकी पार्टी का जमात-ए-इस्लामी के साथ भी रणनीतिक समझौता हुआ है और इन दोनों के ही निर्दलीय प्रत्याशी सीटों पर तालमेल के साथ चुनाव मैदान में हैं।

पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस जैसी पार्टियां राशिद को 'वोट कटवा' साबित करने पर तुले हुए हैं और दावा कर रहे हैं कि इनका संगठन बीजेपी के इशारे पर चुनाव मैदान में उतरा है।

इंजीनियर राशिद के निशाने पर फारूक अब्दुल्ला
इंजीनियर राशिद ने इंटरव्यू में कहा है कि जम्मू और कश्मीर के लिए नेशनल कांफ्रेंस या पीडीपी में से किसी के पास कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला पर यह कहकर निशाना साधा है कि 'वे कहते हैं कि वो गांधी के तरीके से आर्टिकल 370 वापस लाएंगे। उन्होंने एक दिन के लिए भी कभी भूख हड़ताल की है? क्या उन्होंने एक दिन के लिए भी लोगों से शांतिपूर्ण हड़ताल के लिए कहा है?'

आर्टिकल 370 एक राजनीतिक मुद्दा- इंजीनियर राशिद
राशिद का कहना है कि 'उन्हें (घाटी के प्रमुख नेताओं को) सुप्रीम कोर्ट नहीं जाना चाहिए था...आर्टिकल 370 एक राजनीतिक मुद्दा था, लेकिन उन्होंने इसे कानूनी मसला बना दिया। सड़कें नेताओं के लिए खेल का मैदान होती हैं, कोर्ट नहीं। यह राजनीतिक लड़ाई थी और राजनीतिक तरीके से ही लड़ी जानी चाहिए थी।'

इंजीनियर राशिद का राहुल गांधी को खुला ऑफर
उन्होंने आगे कहा है कि 'फिर भी मैं किसी के साथ भी हाथ मिलाने को तैयार हूं.....अगर उनके पास कोई रोडमैप है। अगर राहुल गांधी भी वादा करते हैं कि सत्ता में आने के बाद, चाहे 50 साल बाद ही सही, वे आर्टिकल 370 को बहाल करने के लिए बिल लाएंगे, तो मैं उनके पीछे चलूंगा।'

जहां तक चुनाव के बाद कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस या पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का सवाल है तो एमपी का कहना है, 'सरकार का गठन बहुत ही मामूली सा मुद्दा है। मेरे लिए ज्यादा बड़ा मुद्दा कश्मीर मसले का समाधान है। सरकार गठन के बारे में 8 अक्टूबर के बाद देखा जाएगा।'

असली नुकसान कांग्रेस ने किया- इंजीनियर राशिद
जब उनसे यह सवाल किया गया कि वह नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन को कैसे देखते हैं? तो उन्होंने जवाब दिया, 'यह एक नापाक, गंदा गठबंधन है...लोग राहुल गांधी का समर्थन क्यों करेंगे? राहुल गांधी को कहना चाहिए कि उन्होंने कश्मीरियों को बुरी तरह से नाकाम कर दिया है, उनकी पार्टी ने हमारा अपमान किया है। असली नुकसान कांग्रेस की ओर से किया गया है....आर्टिकल 370 सिर्फ एक ढांचा था और मोदी ने उसे दफन कर दिया है।'

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