जम्मू ड्रोन अटैक: ग्राउंड जीरो पर पहुंची NIA, मोबाइल और इंटरनेट एक्टिविटी को किया जा रहा स्कैन
श्रीनगर, 1 जुलाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जम्मू में स्थित वायुसेना एयर बेस पर 26-27 जून की रात हुए ड्रोन अटैक मामले की जांच को तेजी से अंजाम दे रही है। हादसे की जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए के अधिकारी गुरुवार को घटना स्थल पर पहुंचे। हालांकि सुपरिटेंडेंट रैंक के एनआईए अधिकारी पहले दिन से ही विस्फोट स्थल पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि आधिकारी तौर पर एनआईए ने अपनी जांच अब शुरू की है। बता दें कि जम्मू एयरबेस पर हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था जिससे आईईडी बम बेस पर गिराए गए।

इस मामले की जांच में तेजी लाते हुए गुरुवार को आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों सहित दिल्ली के वरिष्ठ ऑफिसर ग्राउंड जीरो पर पहुंचे हैं। जल्द ही डीजी एनआईए के भी घटनास्थल पर आने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद से ही आतंकवाद रोधी बल एनएसजी के प्रमुख सहित नागरिक हवाई अड्डों की रखवाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की रक्षा इकाईयों ने बीते बुधवार जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर हुए आतंकी हमले हर संभावना का निरीक्षण किया।
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इसके अलावा सीआईएसएफ और एनएसजी अधिकारियों ने जम्मू हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर भी कई एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऐसी किसी घटना से बचने के लिए फिलहाल एनएसजी ने जम्मू और आसपास के हवाई अड्डों पर ड्रोन रोधी इकाइयां तैनात की हैं। जांच अधिकारियों ने कहा कि अभी तक साजिशकर्ताओं की पहचान का पता लगाने के लिए कोई सुराग नहीं मिला है। एक अधिकारी ने कहा कि यह जांच काफी लंबी चलने वाली है।
मोबाइल और इंटरनेट एक्टिविटी को किया जा रहा स्कैन
अधिकारियों ने बताया कि शुरू-शुरू में हमें हेलीकॉप्टर हैंगर के पास इमारत को विस्फोट करने के लिए मोर्टार के इस्तेमाल की आशंका हुई लेकिन जांच में पता चला कि विस्फोट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हमले की जांच में इलाके में बीते दिनों इस्तेमाल हुए मोबाइल टावर डेटा डंप और इंटरनेट गतिविधियों को भी स्कैन किया जा रहा है। लेकिन यह लंबी प्रक्रिया, इसमें समय लग सकता है।












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