Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ की 'प्रथम पूजा' में शामिल हुए मनोज सिन्हा, बताया 30 अगस्त को समाप्त होगी यात्रा
Amarnath Yatra 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्री अमरनाथ की प्रथम पूजा में शामिल हुए। इस दौरान बताया कि पवित्र गुफा की यात्रा 1 जुलाई से शुरू होगी।

Amarnath Yatra 2023: बाबा बर्फानी (Amarnath Yatra) की यात्रा की तैयारियां जम्मू कश्मीर में जोरों पर चल रही हैं। 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरूआत हो जाएगी, जो 30 अगस्त तक चलेगी। इस बीच आज यानी शनिवार 3 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्री अमरनाथ की प्रथम पूजा में शामिल हुए।
अमरनाथ की प्रथम पूजा में शामिल होने के बाद जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अमरनाथ के पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू होगी और 30 अगस्त तक चलेगी। कहा कि 1 जुलाई से देश भर से तीर्थयात्री अमरनाथ के पवित्र गुफा के दर्शन करने के लिए आएंगे। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड यात्रा को सुगम बनाने के लिए हर कोशिश कर रहा है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस-प्रशासन भी यात्रा को सफल बनाने और सही तरीके से यात्रा को चलाया जा सके इसकी पूरी तैयारी में है। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर के निवासियों से निवेदन करते हुए कहा कि जैसे हर वर्ष आप इस यात्रा में अपना सहयोग देते है इस साल भी अपना पूरा सहयोग देंगे। कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि देशभर के जो श्रद्धालु आएंगे वह यहां से एक अच्छा अनुभव लेकर जाएंगे।
कहा कि जब श्रद्धालु आते है तो स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते है। जितने ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु आएगे, उससे यहां के लोगों की इकनोमी और बढेगी। सड़कों के लेकर जब उपराज्यपाल से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह सच है कि इस साल बर्फबारी अधिक हुई है, जिससे वजह से रास्ते रुके हुए है। लेकिन, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने काफी अच्छे ठंग से स्थिति को संभाल लिया है।
आने वाले कुछ दिनों में रोड़ ठीक हो जाएंगी। बता दें कि दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक के रास्ते को तैयार करने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से रास्तों पर जमा बर्फ हटाने और ट्रैक को चौड़ा करने, फुटब्रिज तैयार करने व ब्रैक वॉल तैयार करने जैसे काम शामिल हैं। यात्रा मार्ग पर पिछले साल के मुकाबले बर्फबारी इस बार गई गुणा ज्यादा हुई है और कई जगहों पर दस से बीस फीट तक बर्फ जमा है।
इसे साफ करने का काम तेजी से किया जा रहा है। यात्रा का मार्ग इसके शुरू होने से पंद्रह दिन पहले ही पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए है। इसके तहत अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 45 कम्पनियां तैनात की जाएगी। अगले सप्ताह से इनकी तैनाती शुरू हो जाएगी। श्रद्धालुओं के काफिले और आधार शिविरों की सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ संभालेगी। सेना की रोड ओपनिंग पार्टी भी यात्रा मार्ग पर मुस्तैद रहेगी।












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