J&K को मिला ODF प्लस मॉडल का दर्जा, देश में टॉप 3 में शामिल, यह बड़ी सफलता क्यों है? जानिए
जम्मू और कश्मीर ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह केंद्र शासित प्रदेश (UT) 'ओपन डिफेक्शन फ्री प्लस मॉडल' (ODF Plus Model) का दर्जा पाने वाले देश के टॉप तीन प्रदेशों में शामिल हुआ है।
देश में तीन जगहों दादरा नगर हवेली और दमन दीव, जम्मू-कश्मीर और सिक्किम 'ओपन डिफेक्शन फ्री प्लस मॉडल' के रूप में टॉप प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शामिल किए गए हैं। जम्मू और कश्मीर को ओडीएफ प्लस मॉडल के तहत 100% टारगेट प्राप्त करने के लिए टॉप तीन में शामिल किया गया है।

90,000 महिलाओं को मिशन को आगे करने की जिम्मेदारी
जम्मू और कश्मीर प्रशासन अब अपने इस दर्जे को आगे भी कायम रखने के लिए स्वयं सहायता समूहों और पंचायत प्रतिनिधियों से 90,000 महिलाओं को इस मिशन में शामिल करने जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने 6,650 गावों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया है।

आर्टिकल-370 हटने के बाद बड़ी सफलता
यह सफलता इसलिए बहुत बड़ी मानी जा सकती है, क्योंकि आर्टिकल-370 हटने के बाद प्रदेश में यह परिवर्तन आया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूटी की इस सफलता के लिए यही दलील भी दी है। क्योंकि, इसकी वजह से राज्य में विकास में ज्यादा मदद मिली है। कुछ वर्ष पहले तक जम्मू-कश्मीर में इस तरह का बदलाव ला पाना असंभव ही लगता था।

कश्मीर के लिए यह बड़ी कामयाबी क्यों है?
जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में जो कई दशकों तक आतंकवाद की मार झेल चुका है, यह बहुत बड़ी सफलता है। क्योंकि, 'ओपन डिफेक्शन फ्री प्लस मॉडल' का दर्जा प्राप्त करना आसान नहीं है। क्योंकि, इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-
गांव के सभी घरों में शौचालय की सुविधा हो और वह पूरी तरह से इस्तेमाल में आ रहा हो।
गांवों के सभी स्कूलों/आंगनवाड़ी केंद्रों/पंचायत घरों में चालू हालत में शौचालय हों। यही नहीं महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय चालू स्थिति में हों।
गांवों के किसी भी सार्वजनिक जगहों पर गंदगी नहीं हो, गंदा पानी न जमा हो रहा हो, प्लास्टिक नहीं जमा की गई हो।
गांवों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था हो।
गांवों में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट का पुख्ता इंतजाम हो।
गांवों में पेंटिंग/बिलबोर्ड के माध्यम से यह नजर आना चाहिए कि यह ओडीएफ प्लस गांव है और इससे संबंधित संदेश भी जाहिर होना चाहिए।

जम्मू कश्मीर में अब 17.4 लाख से अधिक घरों में शौचालय मौजूद हैं। इनके अलावा 5 लाख सोक पिट, 1.8 लाख कंपोस्ट पिट, 6509 अपशिष्ट को अलग करने के लिए शेड और 5523 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया है। (पहली तस्वीर छोड़कर अन्य सौजन्य: पीआईबी)












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