J&K: 'अल्ट्रा' हैंडसेट पर सेना को जल्द मिलने वाली है बड़ी कामयाबी, आतंकी कर रहे हैं इस्तेमाल
Jammu and Kashmir: कश्मीर घाटी में तैनात सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने गुरुवार को कहा है कि सेना जल्द ही जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों की ओर से इस्तेमाल किए गए एन्क्रिप्टेड हैंडसेट (के डेटा) को क्रैक करने में सक्षम होगी। श्रीनगर में उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान माना कि आतंकियों का 'अल्ट्रा' संचार आतंकी समूहों को गोपनीयता उपलब्ध करवा रहा है, लेकिन उन्होंने यकीन दिलाया कि कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा, 'अल्ट्रा संचार में एन्क्रिप्शन की विभिन्न परतें हैं और मौजूदा समय में यह उन्हें वह गोपनीयता प्रदान कर रहा है जैसा वे चाहते हैं...लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर रहा हूं कि इसको लेकर काम हो रहा है और जल्द ही हम इस इन्क्रिप्शन को क्रैक करने में सक्षम होंगे और मुझे उम्मीद है कि इससे टेररिस्ट इकोसिस्टम नेटवर्क को और नुकसान पहुंचेगा।'

'अल्ट्रा' हैंडसेड की गोपनीयता की खुलने वाली है पोल
लेफ्टिनेंट जनरल घई की घाटी स्थित 15वीं कोर के कमांडर के तौर यह आखिरी प्रेस कांफ्रेंस थी। वे जल्द ही डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इजराइल-लेबनान संघर्ष में इस्तेमाल तकनीक पर भी नजर
इजराइल-लेबनान के बीच ताजा संघर्ष में मोबाइल फोन के हथियार के तौर पर इस्तेमाल को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया में कोई भी सैन्य ताकत एक नया तरीका अपनाती है, हम हमेशा इसे अपने लिए इसे सबक की तरह देखते हैं, ताकि हम अपने लिए प्रासंगिक चीजों को शामिल कर सकें और उसी के अनुसार हम अपनी सेना और सशस्त्र बलों को तैयार कर सकें।'
उन्होंने कहा कि 'मध्य पूर्व में जो हम देख रहे हैं वह निश्चित रूप से एक नया ट्रेंड है और जिस तरह से यह सामने आ रहा है वह काफी अनोखा है। इसलिए हम निश्चित तौर पर इसका विश्लेषण करेंगे, इसे ध्यान में रखेंगे और इस बारे में निष्कर्ष निकालेंगे कि क्या प्रासंगिक है और यह हमें कैसे प्रभावित कर सकता है।'
जम्मू कश्मीर में आतंकियों से एनकाउंटर के बाद बरामद हुए हैं 'अल्ट्रा' हैंडसेट
कश्मीर घाटी में कुछ एनकाउंटर के दौरान 'अल्ट्रा' सेट बरामद किए गए थे। स्पेशलाइज्ड हैंडसेट चीनी कंपनियों के द्वारा खास तौर पर पाकिस्तानी सेना के लिए विशेष तौर पर कस्टमाइज्ड किए गए हैं। ये 'अल्ट्रा' सेट पिछले साल 17-18 जुलाई को जम्मू के पुंछ जिले में सूरनकोट इलाके के सिंदराह चोटी पर एक एनकाउंटर के बाद मिले थे। इस साल भी 26 अप्रैल को उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर में नौपोरा के चेक मोहल्ला क्षेत्र में एनकाउंटर के बाद ये बरामद हुए थे।
क्या होते हैं अल्ट्रा हैंडसेट?
ऐसे ही अल्ट्रा हैंडसेट पीर पंजाल के दक्षिण क्षेत्र में भी पाए गए थे। ये उपकरण सेल-फोन की क्षमता वाले विशेष तरह के रेडियो उपकरण होते हैं, जिन्हें परंपरागत मोबाइल फोन टेक्नोलोजी (CDMA) की आवश्यकता नहीं होती। अधिकारियों ने कहा कि ये उपकरण संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए रेडियो वेव्स से संचालित होते हैं और प्रत्येक अल्ट्रा सेट सीमपार स्थित किसी कंट्रोल स्टेशन से जुड़े होते हैं। दो अल्ट्रा सेट आपस में संपर्क नहीं कर सकते।
उन्होंने बताया कि इन हैंडसेट से पाकिस्तान स्थित मास्टर सर्वर तक संदेश पहुंचाने के लिए चीनी उपग्रहों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें बाइट्स में कंप्रेस किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह चीन की ओर से अपने प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान को दी जा रही एक और सहायता है। (इनपुट-पीटीआई)












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