J&K: एनआईए ने गांदरबल में सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकी घटना की जांच शुरू की, डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत
Jammu and Kashmir: राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम ने सोमवार को गांदरबल जिले के श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर एक सुरंग निर्माण स्थल का दौरा किया। यह दौरा रविवार देर शाम हुए भयानक आतंकी हमले के बाद किया गया। जिसमें एक डॉक्टर और छह मजदूरों की मौत हो गई थी। इस हमले ने पूरे क्षेत्र में व्यापक चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक गांदरबल के गुंड में कम से कम दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर उस समय अंधाधुंध फायरिंग की। जब वे अपने शिविर में लौट रहे थे। इस हमले को एक लक्षित हत्या के रूप में देखा जा रहा है। घटना स्थल पर ही दो लोगों की मौत हो गई। जबकि अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस बर्बर हमले के बाद पांच अन्य घायल मजदूर अस्पताल में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू
एनआईए की टीम जो केंद्र शासित प्रदेश में एजेंसी की क्षेत्रीय शाखा के एक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में है। घटना की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह हमला जानबूझकर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया था। जो यहां सुरंग निर्माण परियोजना में काम कर रहे थे।
उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री ने की हमले की कड़ी निंदा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पीड़ितों से मुलाकात की है। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि गांदरबल में कल एक दर्दनाक घटना हुई। मुझे लगता है कि कोई भी निर्दोष नागरिकों के खून-खराबे का समर्थन नहीं करेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान करेगी और उन्हें न्याय दिलाएगी। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे कायरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के गगनगीर में नागरिकों पर किया गया नृशंस आतंकी हमला कायरता का घृणित कृत्य है। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं। उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पीड़ित परिवारों पर गहरा असर
इस हमले ने मृतकों के परिवारों पर गहरा असर डाला है। मृतक डॉक्टर डॉ. शाहनवाज डार के बेटे मोहसिन शाहनवाज डार ने अपने पिता की मौत के बाद अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि मेरे पिता डॉ. शाहनवाज डार इस क्षेत्र में एक ईमानदार और सम्मानित व्यक्ति थे। मेरे पिता चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं। लेकिन मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहता था। अब मेरे सपनों के टूटने के बाद मैं प्रशासन से मदद की अपील करता हूं। ताकि मैं अपनी आकांक्षा को पूरा कर सकूं।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी घटना की निंदा की
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हमले की निंदा की और इसे निर्दोष नागरिकों पर किया गया कायरतापूर्ण हमला बताया। उन्होंने कहा कि सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर एक नृशंस और कायराना हमले की बहुत दुखद खबर है। ये लोग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों का खुलासा
यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है और निर्दोष लोगों की जान जाने की घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता पैदा करती है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और जांच की शुरुआत से सरकार की इस तरह के कृत्यों से निपटने के प्रति गंभीरता को रेखांकित किया गया है।
हिंसा के इस कृत्य के बाद पीड़ित परिवारों और पूरे समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा उपायों और न्याय की मांग को लेकर लोग एकजुट हो रहे हैं।












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