Jammu-Kashmir: मौत के मुंह में फंसे थे 250 टूरिस्ट, जान की बाजी लगाकर बचा लाए पुलिसवाले
Gulmarg Gondola Ride Rescue: गुलमर्ग में गोंडोला फेज II तक गए 250 टूरिस्ट केबिल कार में तकनीकी खराबी आने के कारण अफरवाट इलाके में फंस गए। पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उन्हें बचाया।

Gulmarg Gondola Ride Rescue: जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहां 250 टूरिस्ट गुलमर्ग में गोंडोला फेज II तक गए थे, जो बर्फ से ढके पहाड़ों में 13,058 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस दौरान केबल कार में तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी वजह से टूरिस्ट अफरवाट इलाके में फंस गए। इस दौरान बारामूला पुलिस और सुरक्षाबल के जवान ने पर्यटकों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी और रातभर अभियान चलाकर उन्होंने सुरक्षित गुलमर्ग बेस पहुंचाया गया।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 250 टूरिस्टों का एक ग्रुप गुरुवार की शाम को अफरवट से वापस गुलमर्ग आने की तैयारी में था। इसी दौरान केबल कार में तकनीकी खराबी आने के कारण टूरिस्ट 13,058 फीट की ऊंचाई पर ठंड के बीच फंस गए। केबल कार में खराबी और टूरिस्टों के फंसे होने की सूचना मिलते ही गुलमर्ग पुलिस फौरन हरकत में आई और बचाव अभियान शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने गोंडोला कार कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों को साथ लेकर बचाव अभियान शुरू किया।
पूरी रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार की तड़के सभी 250 टूरिस्टों को सुरक्षित बचा लिया गया। जिसके बाद सभी टूरिस्टों को गुलमर्ग बेस कैंप पहुंचाया गया। पुलिस ने बताया कि टूरिस्टों का एक बड़ा समूह गुलमर्ग से गोंडाला की सैर के लिए आए थे। लगभग 250 टूरिस्ट अफरवट पर पहुंचे थे। शाम को पर्यटक केबल कार के माध्यम से वापस जाने की तैयारी कर रहे थे कि कुछ तकनीकी खराबी आ गई और पर्यटक अफरवट में ही फंसे रह गए। बताया कि यहां ठंड बढ़न के कारण ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।
ठंड बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी के कारण केबिल कार में फंसे कुछ टूरिस्टों की तबीयत बिगड़ने लगी। बचाव अभियान के दौरान पुलिस ने चिकित्सा और खाने-पीने का इंतजाम भी किया था। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के बाद पर्यटकों ने गुलमर्ग पुलिस का आभार व्यक्त किया और कठीन परिस्थियों में उनके किए कामों का प्रशंसा की। वहीं, दूसरी तरफ गोंडोला के अधिकारियों ने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियर फॉल्ट पर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि आज (9 जून) शाम तक गोंडोला केबल कार का काम बहाल हो जाएगा।
आपको बता दें कि एशिया का सबसे बड़ा और सबसे ऊंचा व दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा केबल कार प्रोजेक्ट गुलमर्ग गोंडोला में है। इसी वजह से यह टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र है। गुलमर्ग-गोंडोला केबल कार से दो चरणों में यात्रा की जाती है। पहले चरण में गुलमर्ग रिसॉर्ट से कोंगडोरी स्टेशन तक कटोरे के आकार की कोंगडोरी घाटी तक पहुंचने में 9 मिनट लगते हैं। यह दूरी 2600 मीटर यानी ढाई किलोमीटर है। इसके बाद इस केबल कार दूसरा चरण शुरू होता है। दूसरे चरण में कोंगडोरी स्टेशन से अफरवात चोटी पर पहुंचने में 12 मिनट लगते हैं। यह दूरी 3747 मीटर यानी लगभग पौने चार किलोमीटर है।












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