VIDEO: सिर के पास रिवॉल्वर और ट्रिगर पर उंगली! फारूक अब्दुल्ला पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से हुआ हमला
Farooq Abdullah Attacked CCTV Video: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात जम्मू में एक हमले में बाल-बाल बच गए। ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान एक हमलावर ने उनके बेहद करीब पहुंचकर उन पर गोली चला दी। गनीमत यह रही कि सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी और ईश्वरीय कृपा से फारूक अब्दुल्ला को कोई चोट नहीं आई। इस घटना के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे।
घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि जब फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर पीछे से तेजी से उनके करीब पहुंचा।

सिर के बेहत करीब तान दी रिवॉल्वर
उसने अपनी रिवॉल्वर सीधे डॉक्टर अब्दुल्ला के सिर के पास तान दी और फायर कर दिया। अच्छी बात ये रही कि, आरोपी गोली नहीं चला पाया। बाद में उसने गोली चलाई जो फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर ने 'पॉइंट ब्लैंक रेंज' यानी बिल्कुल सटीक दूरी से निशाना साधा था, लेकिन सुरक्षा टीम ने ऐन वक्त पर उसे धक्का दिया जिससे गोली का निशाना चूक गया।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को दबोच लिया, जिसकी पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी पुरानी मंडी, जम्मू का निवासी है और वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने के मौके की तलाश में था।
गिरफ्तारी के वक्त होश में नहीं था आरोपी
गिरफ्तारी के वक्त आरोपी नशे की हालत में पाया गया और उसके पास से एक लाइसेंसी हथियार बरामद हुआ है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या किसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण उसने यह कदम उठाया।
सुरक्षा घेरे और Z+ सिक्योरिटी पर उठे सवाल
इस हमले ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, खासकर Z+ सुरक्षा प्राप्त नेताओं के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे एक हथियारबंद व्यक्ति NSG और सुरक्षा विंग के इतने कड़े घेरे को तोड़कर एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब पहुंच गया।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी स्थानीय पुलिस की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए और कहा कि जब इतने बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग कार्यक्रम में मौजूद थे, तो वहां स्थानीय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे।
मामले में क्या हुआ एक्शन?
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे के असल उद्देश्यों का पता लगाया जा सके। फारूक अब्दुल्ला पर हुए इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस और अन्य दलों ने भी इस घटना को क्षेत्र में बढ़ती कानूनविहीनता का संकेत बताया है।












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