'अजान' के बीच Amit Shah ने बारामूला में रोका अपना भाषण, फिर जनता से मांगी इस बात की इजाजत
'अजान' के बीच अमित शाह ने बारामूला में रोका अपना भाषण, फिर जनता से मांगी इस बात की इजाजत
जम्मू कश्मीर, 06 अक्टूबर: Amit Shah Stops Speech During 'Azaan': केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर दौरे के आखिरी दिन (05 अक्टूबर) बारामूला में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने अपने भाषण को अचानक बीच में ही रोक दिया। दरअसल, रैली स्थल के पास एक मस्जिद में अजान (प्रार्थना) शुरू होते ही शाह ने अपना भाषण बीच में कुछ देर के लिए रोक दिया। जैसे ही अजान खत्म हुई तो शाह ने जनता से इजाजत लेकर अपना भाषण फिर से शुरू किया। इससे पहले अमित शाह ने कश्मीर के लोगों के प्रति भरोसा दिखाने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मंच पर लगाए गए बुलेट प्रूफ कांच को हटवा दिया था।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर दौरे के तीसरे दिन बारामूला पहुंचे। यहां शौकत अली स्टेडियम में अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने अचानक से बीच में रुके और मंच पर मौजूद लोगों से पूछा, 'क्या मस्जिद में कुछ चल रहा है?' इस दौरान मंच पर किसी ने उन्हें बताया कि 'अज़ान' चल रही है, तो अमित शाह ने तुरंत अपना भाषण रोक दिया। कुछ समय बाद उन्होंने जनता से पूछा, क्या मैं अब (बोलना) चालू करूं। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया।'
पाकिस्तान के साथ बातचीत से किसा इंकार: शाह
अमित शाह ने अपने संबोधिन के दौरान पाकिस्तान का जिक्र करते हुए साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान से किसी प्रकार की कोई बात नहीं की जाएगी। कहा, 'जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करने का संकल्प लिया है।' उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद ने 1990 के दशक से अब तक 42,000 लोगों की जान ले ली है। इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 'जिन्होंने 70 साल शासन किया, वे कह रहे हैं कि पाकिस्तान से बात करो। हमें पाकिस्तान से बात क्यों करनी चाहिए? हम बात नहीं करेंगे। हम बारामूला के लोगों से बात करेंगे, हम कश्मीर के लोगों से बात करेंगे।
आतंकवाद से नहीं हुआ किसी का भला
शाह ने कहा कि पहले यह टेररिस्ट हॉटस्पॉट था, आज टूरिस्ट हॉटस्पॉट है। पहले यहां हर साल 6 लाख सैलानी आते थे। अक्टूबर तक 22 लाख सैलानी आए हैं। इससे कई युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से किसी का भला नहीं सकता। 42 हजार लोग आतंकवाद के भेंट चढ़ गए। अमित शाह ने कहा कि, इसके लिए कौन जिम्मेदार, जिन तीन परिवारों ने शासन किया वो जिम्मेदार हैं लेकिन अब आतंकवाद धीरे-धीरे समाप्ती की ओर जा रहा है। उन्होंने कहा कि, 1947 से 2014 तक सिर्फ चार मेडिकल कॉलेज बने और 2014 से 2022 तक 9 कॉलेज बनाए गए हैं। 370 के हटने से दलित, पिछड़े, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदाय को आरक्षण मिलेगा।












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