कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति का दावा, इस साल 17 कश्मीरी पंडित परिवार ने छोड़ी घाटी
Kashmiri Pandit: कश्मीर में पंडितों के पलायन को लेकर कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (KPSS) ने आवाज उठाई है। केपीएसएस ने दावा किया है कि इस साल मई माह से 17 कश्मीरी पंडित परिवार घाटी से विस्थापित हो चुके हैं। इन लोगों ने मई माह से दक्षिण कश्मीर में अपने घरों को छोड़ दिया है। जिस तरह से आतंकी कश्मीरी पंडितों को चुन-चुनकर अपना निशाना बना रहे हैं उसकी वजह से कश्मीरी पंडितों को यहां से बाहर जाना पड़ रहा है। केपीएसएस ने कहा कि सोमवार को 9 परिवार घाटी से बाहर जा चुके हैं।

इस साल 17 लोगों की मौत
केपीएसएस के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने कहा कि मैं इन परिवारों से बात करूंगा। मैं इन लोगों से बात करूंगा कि आखिर वह 32 साल से यहां रह रहे थे और किस वजह से उन्हें बाहर जाना पड़ा। तकरीबन 17 लोगों को इस साल निशाना बनाकर मौत के घाट उतार दिया गया है। इसमे आम लोग, अल्पसंख्यक और विस्थापित लोग हैं। इसमे से तीन कश्मीरी पंडित भी हैं जिनकी हत्या की गई है।
कश्मीरी पंडितों पर निशाना
15 अक्टूबर को 56 वर्षीय कश्मीरी पंडित पूरन कृष्णन को आतंकियों ने शोपियां जिले में स्थित उनके घर के पास गोली मार दी थी। आतंकी संगठन कश्मीर फ्रीडम फाइटर ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इस हत्या के दो दिन बाद घाटी में इसको लेकर प्रदर्शन हुआ था। वहीं 16 अगस्त को एक और कश्मीरी पंडित सुनील कुमार भट्ट को शोपियां में गोली मार दी, जबकि उनका भाई घायल हो गया था। पुलिस ने बताया कि दोनों अपने सेब के बाग में काम कर रहे थे, इसी दौरान उनपर हमला हुआ।
सरकारी कर्मचारियों पर निशाना
12 मई को राहुल भट्ट जोकि सरकारी कर्मचारी थे, उनकी भी आथंकियों ने बडगांव स्थित उनके ऑफिस में घुसकर हत्या कर दी। उनकी हत्या के बाद घाटी में काफी प्रदर्शन हुआ था। तकरीबन 350 सरकारी कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ने की धमकी दी थी। जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने बाद में कहा था कि सभी कश्मीरी पंडित प्राइम मिनिस्टर पैकेज कर्मचारियों को घाटी में के जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय में तैनात किया जाएगा।
39782 लोगों ने छोड़ी घाटी
घाटी में अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद 7 कश्मीरी पंडितों की हत्या की जा चुकी है। घाटी में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया है। अडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस विजय कुमार ने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की खबर को ना तो खारिज किया है और ना ही इसकी पुष्टि की है। मार्च माह में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने संसद में बताया था कि 44167 कश्मीरी पंडित परिवारों ने 1990 से सुरक्षा कारणों के चलते घाटी को छोड़ दिया है। जिसमे हिंदू परिवारों की संख्या 39782 है।
3800 कश्मीरी पंडित वापस आए
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1990 के बाद से 3800 कश्मीरी विस्थापित घाटी में वापस आए हैं। ये लोग अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद वापस लौटे हैं। इन्हें प्रधानमंत्री पैकेज के तहत वापस लाया गया है। गौर करने वाली बात है कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को दो अलग-अलग राज्यों में बांट दिया गया था और अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया।












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