Congress नेता भंवर जितेंद्र सिंह ने आखिर क्यों दिया अशोक गहलोत के समर्थन में बयान, जानिए पूरी वजह
Rajasthan में चल रहे सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में एक ऐसे नेता ने बयान दिया है। जिन्हें राहुल गांधी और सचिन पायलट के करीबी नेता ही नहीं मित्र भी समझा जाता है। पिछले दिनों केंद्र की यूपीए सरकार के मंत्री रहे भंवर जितेंद्र सिंह ने अशोक गहलोत के पक्ष में बयान देकर प्रदेश में सियासी गर्माहट बढ़ा दी है। भंवर जितेंद्र सिंह अलवर से पूर्व सांसद है और यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। राजस्थान में भंवर जितेंद्र मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार भी है। हाल ही में भंवर जितेंद्र सिंह ने गहलोत का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार पूरे 5 साल चलेगी। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार फिर रिपीट होगी। सिंह ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि गहलोत ने प्रदेश में विकास के कार्य किए हैं। उन्होंने राजस्थान की सियासी घटना के पीछे भाजपा का हाथ बताया है। भंवर जितेंद्र सिंह के इस बयान की सियासी गलियारों में खासी चर्चा है।

केंद्र में मंत्री रह चुके हैं भंवर जितेंद्र सिंह
भंवर जितेंद्र सिंह अलवर से सांसद रह चुके हैं। केंद्र की यूपीए सरकार में वे 2011 में गृह राज्य मंत्री और कैबिनेट विस्तार के बाद युवा मामले और खेल राज्य मंत्री और रक्षा राज्य मंत्री रह चुके हैं। भंवर जितेंद्र सिंह 1998 में पहली बार अलवर से विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक बने थे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार
भंवर जितेंद्र सिंह राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जाते हैं। केंद्र में यूपीए सरकार में मंत्री रहने के दौरान वह राहुल गांधी के करीबी मित्रों में शुमार थे। ऐसे में माना जा रहा था कि राजस्थान में राहुल गांधी उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर सकते हैं। हालांकि राजस्थान में सचिन पायलट की सक्रियता के चलते भंवर जितेंद्र सिंह की दावेदारी कमजोर हो गई थी। लेकिन भंवर जितेंद्र सिंह को आज भी राजस्थान में कांग्रेस के बड़े चेहरे के तौर पर देखा जाता है।

गांधी परिवार के काफी नजदीक हैं जितेंद्र सिंह
भंवर जितेंद्र सिंह अलवर के पूर्व शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे राजस्थान के उन कुछ कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं। जिनकी पार्टी आलाकमान तक सीधी पहुंच है। जितेंद्र सिंह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सचिन पायलट के अच्छे मित्र भी हैं। हाल ही में उदयपुर में हुए चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस ने 8 सदस्यीय पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी और 2024 के चुनाव के लिए टास्क फोर्स का गठन किया था। कांग्रेस ने अपने प्लानिंग ग्रुप में राजस्थान के दो नेता जितेंद्र सिंह और सचिन पायलट को शामिल किया था। भंवर जितेंद्र सिंह लाइमलाइट से दूर रहने वाले नेता हैं।












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