Uttarakhand : 7 साल पहले लापता हुए थे राजस्थान के ये 12 लोग, कोई पानी में बहा, कोई मलबे में दबा

जयपुर। देवभूमि उत्तराखंड में फिर तबाही हुई है। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा में भयंकर बाढ़ आ गई है, जिससे 150 लोगों के पानी में बह जाने की आशंका जताई जा रही है। तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं। ITBP, NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्य में जुट गई हैं।

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    Uttrakhand के Chamoli में टूटा ग्लेशियर,मलबे में तब्दील नदी,50 लोगों के बहने की आशंका|वनइंडिया हिंदी
    उत्तराखंड त्रासदी 2021 ने सात पहले के उस खौफनाक मंजर की याद दिला

    उत्तराखंड त्रासदी 2021 ने सात पहले के उस खौफनाक मंजर की याद दिला

    उत्तराखंड त्रासदी 2021 ने सात पहले के उस खौफनाक मंजर की याद दिला दी, जब उत्तराखंड की वादियों में पानी तबाही मचाई और कई लोगों की जान ले ली थी। उस हादसे में राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं के 12 लोग लापता हो गए थे, जो आज उन वादियों से नहीं लौटे। ये सभी तीर्थयात्री चारधाम की यात्रा पर गए थे। 16 जून 2013 को बाढ़ आने से कोई पानी में गया तो कोई होटलों व धर्मशालाओं के मलबे में दब गए था।

    राजू व राजेश सिरोही सीकर

    राजू व राजेश सिरोही सीकर

    सीकर जिले के गांव सिरोही का रहने वाला चालक राजेश सैन नौ जून को विराटनगर से तीर्थयात्रियों के एक दल को लेकर उत्तराखंड गया था। 16 जून की त्रासदी के बाद से परिजनों से राजेश का कभी सम्पर्क नहीं हो पाया। राजेश की तरह ही सिरोही का राजू भी उत्तराखंड से आज तक नहीं लौटा।

     मातादीन व संतरा देवी, पचलंगी, झुंझुनूं

    मातादीन व संतरा देवी, पचलंगी, झुंझुनूं

    झुंझुनूं जिले गांव पचलंगी के मातादीन व उनकी पत्नी संतरा देवी को भी उत्तराखंड त्रासदी 2013 लील गई। यह दम्पती 16 जून की सुबह नौ बजे केदारनाथ के दर्शन करके लौट रहा था। रास्ते में बाढ़ की वजह से एक दूसरे बिछड़ गए थे। फिर दोनों ही कभी घर नहीं लौटे।

     सतीश चौधरी व ऊषा, सिंघाना झुंझुनूं

    सतीश चौधरी व ऊषा, सिंघाना झुंझुनूं

    झुंझुूनूं जिले के सिंघाना के व्यवसायी सतीश चौधरी व उनकी पत्नी ऊषा 11 जून को केदारनाथ के दर्शन के लिए गए थे। केदारनाथ में गोरीकुण्ड के अग्रवाल गेस्ट हाउस के चार कमरों में ठहरे हुए थे। अचानक पहाड़ी की तरफ से बाढ़ आई और गेस्ट हाउस के दो कमरों को बहा ले गई। उन कमरों में सतीश व ऊषा भी ठहरे हुए थे। शेष यात्री लौट आए, मगर ये दोनों आज तक नहीं लौटे।

     ओमप्रकाशव भगवानी देवी बलौदा, झुंझुनूं

    ओमप्रकाशव भगवानी देवी बलौदा, झुंझुनूं

    झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ पंचायत समिति के गांव डाबड़ी बलौदा के ओमप्रकाश व उनकी पत्नी भगवानी देवी भी उत्तराखंड त्रासदी में जान गंवाने वालों में शामिल थे। बैंककर्मी ओमप्रकाश के परिजन उनकी वापसी के लिए उत्तराखण्ड भी जाकर आ गए, लेकिन वे नहीं मिले।

     गजानंद हरिपुरा व गिन्नी देवी बगड़, झुंझुनूं

    गजानंद हरिपुरा व गिन्नी देवी बगड़, झुंझुनूं

    उत्तराखंड त्रासदी में झुंझुनूं जिले के गांव हरिपुरा के गजानंद भी गुम हो गया। वह किराए की गाड़ी चलाता था। बगड़ के तीर्थयात्रियों को लेकर उत्तराखण्ड गया था। बगड़ के वार्ड 15 निवासी की गिन्नी देवी 10 जून को चार धाम की यात्रा के लिए रवाना हुई थीं। 15 जून के बाद से फोन पर उससे फिर सम्पर्क नहीं हो पाया। आज तक नहीं लौटी।

     सुमेरदान चारण व चंद्रकंवर, चूरू

    सुमेरदान चारण व चंद्रकंवर, चूरू

    चूरू निवासी सुमेरदान चारण, इनकी पत्नी चन्द्रकंवर, नागौर जिले के बाजोली गांव निवासी सुमेरदान की बहन उच्छव कंवर और शिवदान चारण आठ जून को चूरू से चार धाम की यात्रा के लिए रवाना हुए थे। 16 जून के बाद इनसे कभी सम्पर्क नहीं हो पाया।

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